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धारा 370 पर बेगानों की शादी में अब्दुल्ला दीवाना बना पाकिस्तान ईद पर घर में नहीं है खाने को इमरान चले संबंध मिटाने को

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देश में धारा 370 हटने के बाद जितना दुख कश्मीर के लोगों के साथ वहां के अलगाववादी एवं राजनीति करने वाले लोगों को नहीं हुआ उससे ज्यादा दुखी पाकिस्तान दिखाई दे रहा है जिस प्रकार से पाकिस्तान  ने  बेगानों की शादी में अब्दुल्ला दीवाना बन के बड़े जोश  मैं भारत  को गीदड़ धमकियां युद्ध की संयुक्त राष्ट्र संघ में जाने की परमाणु संपन्न राष्ट्र बताने के साथ भारत से राजनयिक एक व्यापारिक खत्म करने का कदम खुद के लिए  आत्महत्या करने जैसा  है इस कदम से पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की स्थिति हास्यपदक बनी हुई क्योंकि पाकिस्तान की आर्थिक राजनीतिक एवं सामाजिक दयनीय पूरी दुनिया के किसी भी देश से छुपी नहीं है  पाकिस्तान द्वारा छटपटाहट में जितने निर्णय ले रहा है  उससे बाहर से अधिक नुकसान उसके खुद का होगा अगर भारत को किसी प्रकार का नुकसान होता भी है तो भारत नुकसान सहने की स्थिति में है  क्योंकि कुछ  दिन पूर्व पाकिस्तान को विश्व बैंक के द्वारा दिया गया कर्ज़ विश्व बैंक की शर्तों के अनुसार दिया गया जिसमें पाकिस्तान को अपने देश में पल रहे आतंकवादियों पर लगाम ल...

लखनऊ के आलमनगर और काकोरी रेलवे स्टेशनों के बीच रेलगाड़ी से सरकारी खजाना लूटा था

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देश की प्रमुख घटनाओं में सुमार काकोरी कांड आज के ही दिन 9 अगस्त 1925 को लखनऊ  से 14 किलोमीटर दूर आलमनगर से काकोरी रेलवे स्टेशन के बीच के बीच में देश के प्रमुख  क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल  आसिफ उल्ला खान राजेंद्र रोशन सिंह एवं राजेंद्र लाहिड़ी सहित 10 क्रांतिकारी साथियों ने अंग्रेजी हुकूमत के सरकारी खजाने को रेलगाड़ी में से लूट कर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी जिसके फलस्वरूप अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें गिरफ्तार कर कर उन पर कठोर धाराओं में मुकदमा चलाया बाद में इन सभी को फांसी दे दी गई थी यह घटना इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगी क्योंकि इन जैसे आजादी के दीवानों  क्रांतिकारियों की कहानियां से हमारे देश  के युवाओं को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी जिस अंग्रेजी हुeकूमत को अपनी शक्ति पर इतना गुमान था कि वह भारत पर हमेशा हमेशा के लिए राज्य करना चाहता था लेकिन कुछ आजादी के दीवानों ने तो कुछ और ही सोच रखा था जो बिना किसी जीवन मृत्यु की परवाह किए हुए हंसते हंसते देश के लिए कुर्बान हो गए और अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दे गए की आज नहीं तो कल हम जैसे अनेक क्रांतिकारी अंग्...

करो या मरो अगस्त 8- 9 अगस्त क्रांति

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 आज हमारा देश के  प्रमुख स्वतंत्रता  आंदोलन अंग्रेजों   भारत छोड़ो  की  वर्षगांठ मना रहा है  अगस्त क्रांति के रूप में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा आंदोलन भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी  देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा भारतीय जनमानस के सहयोग से छेड़ा गया उसी में एक नारा दिया गया करो या मरो गांधी जी द्वारा  छेड़ा गया यह देश का अंतिम वृहद आंदोलन था जिसमें पूरब से लेकर पश्चिम उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारतीय जनमानस  अंग्रेजी हुकूमत के शासन को उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर आ गया था यह आंदोलन इतना व्यापक था कि इस की धमक से अंग्रेजी साम्राज्य दहल गया क्योंकि उस समय पूरे विश्व में द्वितीय विश्व युद्ध के बादल मंडरा रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के  गरम दल के नेता सुभाष चंद्र बोस जी जापान एवं जर्मनी के सहयोग से अपनी खुद की सेना आजाद हिंद फौज को तैयार करके अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ  सशक्त युद्ध लड़कर देश को आजाद कराने के लिए संघर्षशील थे  उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत पर आक्रमण कर कर  रंगून से ले...

अपनी ओजस्वी भाषा शैली से पूरे विश्व को हिला देने वाली महान राजनैतिक महिला सुषमा स्वराज जी अब हम सबके बीच नहीं रही

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 सच में एक ऐसी आवाज जिसे सुनकर लोगों में जोश भर आता था हां कुछ ही दिनों पहले की बात है जब हमारी देश की एक शेरनी संसद में दहाड़ा करती थी तो उस की धमक पूरे विश्व में भारतीय वैभव पूर्ण चेहरे के रूप में दिखाई देती थी हां मैं बात कर रहा हूं हमारे देश की राजनीति की चमकते हुए सितारे सुषमा स्वराज जो आज हम सभी के बीच से निकल कर आसमान में एक तारा बन चुकी है सुषमा स्वराज अकेली बीजेपी की एक बड़ी  राजनेता ना हो के देश की महिलाओं के लिए आइकॉन बन कर  प्रेरणा देती  थी जिन्होंने भारत में महिलाओं को एक ऊंचे मुकाम पर पहुंचाने के लिए विशेष प्रेरणादायक बनकर भारतीय राजनीति में कई दशकों तक अपनी भारतीय वेशभूषा एवं संस्कृति से पूरे विश्व को रूबरू कराया भारतीय परिधान साड़ी माथे पर बिंदी पूरी तरह से एक भारतीय नारी की तरह दिखने वाली स्वर्गीय सुषमा स्वराज की हमेशा देश के लोगों के दिलों में राज  करती थी पक्ष हो या विपक्ष हो शत्रु देश हो या मित्र देश हो सभी उनकी सधे हुए शब्दों के भाषणों से अभिभूत होकर उनकी प्रशंसा करने से पीछे नहीं हटते थे अंतिम बार उन्होंने मध्य प्रदेश के विदिशा लोकसभा क्...

समुंदर में लहर कैसे नहीं उठेगी साथियों एक बार तबीयत से पत्थर उछाल के तो देखो

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#सिविल_सेवा .....किसके लिए कितनी आसान....!!! 1...पढ़ने में गहन रुचि....अगर आप 2-3घन्टे तक एक जगह बैठकर किताबों के साथ डूबे रह सकते हो...,जैसे एक गुदगुदाने वाले उपन्यास को पढ़ते समय पता ही नहीं चलता ,कब दो से तीन घंटे बीत गए अथार्त पढ़ाई को एन्जाय करते हो । ............................................................................ 2...निरन्तरता का कोई जबाव नहीं....... हर रोज़ पढने की ललक .........चाहें पांच छह घंटे ही पढ़े,क्योंकि सप्ताह में चार दिन पंद्रह-पंद्रह घंटे पढ़कर, तीन दिन मौजमस्ती करने से अच्छा है, सप्ताह के सातों दिन आठ आठ घंटे पढ़ना .... ............................................................................ 3...करेंट अफेयर पर तगड़ी पकड़ .......सिविल सेवा की तैयारी 70 फीसदी डैली के न्यूजपेपर से होती हैं.....इसलिए खुद को हर दिन देश- दुनिया की खबरों व घटनाओं के प्रति alert रखता हो ,न्यूजपेपर को किताब की तरह पढ़ता हो..., लेकिन चुनिंदा खबरों तथा लेखों को ही.... ............................................................................. 4......तैयारी के ...