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जिंदगी की सच्चाई की आंखों को खोलती हुई एक कहानी

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माया के जाल में कैद — सालेहा बेगम की सीख माया के जाल में कैद — सालेहा बेगम की सिख एक सच्ची कहानी जिसने हमें बताया — कफन में नहीं जाती तिजोरी, संतोष में है असली धन। लेख: रविंद्र साहू • प्रकाशित: आज • श्रेणी: आध्यात्मिक, समाज, प्रेरक यह कहानी माया, धन, और संतोष के बीच के अंतर पर प्रकाश डालती है — और बताती है कि असली धरोहर क्या है। कहानी पढ़ें दान के बारे में 1. सादा जीवन — एक अकेली ज़िंदगी सालेहा बेगम — एक ऐसी औरत जिनकी दुनिया बेहद सिमटी हुई थी। कमरा सादा, दिनचर्या भी सादा, और रिश्‍तों का कोई बँधा हुआ जाल नहीं। उन्होंने जीवन में कभी भव्यता नहीं चाही, न ही दिखावे का मोह रखा। 2. पता चला तो हुआ चौंकाने वाला सच उनके गुजर जाने के बाद मोहल्ले वालों ने उनकी पुरानी चीज़ों की सफ़ाई की — और पाए तीन बोरी जिसमें पुराने नोट व स...

मुंशी प्रेमचंद का प्रसिद्ध उपन्यास गोदान लगभग 100 साल बाद भी क्या बदला समाज मे

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गोदान – उपन्यास का विस्तृत विवरण 📖 गोदान – उपन्यास का विस्तृत विवरण लेखक – मुंशी प्रेमचंद भाषा – हिन्दी (हिन्दुस्तानी शैली) शैली – यथार्थवादी सामाजिक उपन्यास प्रमुख विषय – भारतीय ग्रामीण जीवन, किसानों की गरीबी, सामाजिक अन्याय, नैतिक संघर्ष और मानवता। 1. परिचय ‘गोदान’ मुंशी प्रेमचंद का अंतिम और सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है। यह भारतीय ग्रामीण जीवन की गहराई, किसानों की दयनीय स्थिति, शोषण, वर्ग संघर्ष, और सामाजिक असमानता का सजीव चित्र प्रस्तुत करता है। यह उपन्यास भारतीय समाज का वास्तविक दर्पण माना जाता है — इसमें नायक होरी किसान के माध्यम से पूरी किसान जाति की व्यथा दिखाई गई है। 2. शीर्षक का अर्थ ‘गोदान’ का अर्थ है — गाय का दान करना । भारतीय परंपरा में यह एक धार्मिक कृत्य माना जाता है, जो व्यक्ति की आत्मा की मुक्ति के लिए किया जाता है। प्रेमचंद ने इसे प्रतीक के रूप में लिया है — “गोदान” यहाँ किसान की आध्यात्मिक आकांक्षा और सामाजिक विडंबना दोनों का प्रतीक है。 ...