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बुधवार, 11 सितंबर 2019
लखनऊ डिवीजन के रेलवे गार्डों द्वारा बैठक कर की ओवरटाइम देने की मांग
शुक्रवार, 9 अगस्त 2019
धारा 370 पर बेगानों की शादी में अब्दुल्ला दीवाना बना पाकिस्तान ईद पर घर में नहीं है खाने को इमरान चले संबंध मिटाने को
देश में धारा 370 हटने के बाद जितना दुख कश्मीर के लोगों के साथ वहां के अलगाववादी एवं राजनीति करने वाले लोगों को नहीं हुआ उससे ज्यादा दुखी पाकिस्तान दिखाई दे रहा है जिस प्रकार से पाकिस्तान ने बेगानों की शादी में अब्दुल्ला दीवाना बन के बड़े जोश मैं भारत को गीदड़ धमकियां युद्ध की संयुक्त राष्ट्र संघ में जाने की परमाणु संपन्न राष्ट्र बताने के साथ भारत से राजनयिक एक व्यापारिक खत्म करने का कदम खुद के लिए आत्महत्या करने जैसा है इस कदम से पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की स्थिति हास्यपदक बनी हुई क्योंकि पाकिस्तान की आर्थिक राजनीतिक एवं सामाजिक दयनीय पूरी दुनिया के किसी भी देश से छुपी नहीं है पाकिस्तान द्वारा छटपटाहट में जितने निर्णय ले रहा है उससे बाहर से अधिक नुकसान उसके खुद का होगा अगर भारत को किसी प्रकार का नुकसान होता भी है तो भारत नुकसान सहने की स्थिति में है क्योंकि कुछ दिन पूर्व पाकिस्तान को विश्व बैंक के द्वारा दिया गया कर्ज़ विश्व बैंक की शर्तों के अनुसार दिया गया जिसमें पाकिस्तान को अपने देश में पल रहे आतंकवादियों पर लगाम लगाने अब्दुल हफीज जैसे असामाजिक आतंकवादी को खत्म कर ले के साथ अपने देश के लोगों पर भारी टैक्स लगाकर कर्ज की अदायगी करनी होगी लेकिन भारत द्वारा धारा 370 हटाने के बाद वर्तमान हालात मैं नहीं लगता कि पाकिस्तान विश्व बैंक द्वारा लिए गए कर्ज से अपने देश की आर्थिक स्थिति सुधार पाएगा क्योंकि पाकिस्तान द्वारा लिए गए कुछ पाकिस्तान के जनमानस को संतुष्ट करने के लिए लिए गए कुछ भारत विरोधी आर्थिक निर्णयों से विश्व बैंक का पूरा कर्ज इसी उठापटक में खर्च हो जाएगा और पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होने से कोई भी नहीं बचा पाएगा ऐसे हालात में मजबूर होकर स्थानीय जनता गृह युद्ध को मजबूर होगी जो पाकिस्तान के अनेक टुकड़ों में बांटने का कारण बन सकता है पाकिस्तान जिन देशों को लामबंद कर के भारत के खिलाफ एक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है वह देश भारत के खिलाफ खुलकर ना आकर पाकिस्तान के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना चाहते हैं जिसका नुकसान हर हालत में पाकिस्तान को ही उठाना पड़ेगा क्योंकि पाकिस्तान पूरे विश्व के सामने अमेरिका में पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के द्वारा 30 से 40,000 आतंकवादियों के पाकिस्तान में होने की बात को स्वीकार कर चुका है एवं विश्व के सभी देश जानते हैं कि आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान है विश्व में कहीं भी कोई आतंकी घटना होती है तो उसमें सीधा सीधा पाकिस्तान का कनेक्शन होता है इसलिए अगर कोई भी मामला राष्ट्र संघ में जाता है तो यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी हार होगी क्योंकि भारत अपना पक्ष रखेगा कि हम 30 से 40,000 आतंकवादियों से अपने देश के अन्य हिस्सों जम्मू कश्मीर लद्दाख को बचाने के लिए अपने आंतरिक कानून के हिसाब से बदलाव लाकर उन पर लगाम लगाना चाह रहे हैं एवं अपने देश को आतंकवादियों से सुरक्षित करने के लिए भारत अनेक कदम अपने कानून अनुसार उठा सकता है इसमें किसी भी देश एवं संसार को दखल देने का कोई अधिकार नहीं है यह भारत का अंदरूनी मामला है जिस धारा 370 को लेकर पाकिस्तान इतनी हाय तौबा मचा रहा है अगर वह चाहे तो है भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से हटाए गए धारा 370 को पूरी तरह से पाक अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में क्यों लागू नहीं कर देता है सभी को पता है कि पाकिस्तान द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के लोगों को वहां पर बसा कर उनके संसाधनों पर नाजायज तरीके से हड़प कर चीन जैसे देशों को बेचता रहा है विश्व के अनेकों देशों ने भारत की धारा 370 हटाने के निर्णय को उसका अंदरूनी मामला बताया है मुस्लिम देशों ने भी भारत के इस कदम की सराहना की है वहीं भारत का मुस्लिम तबका भी अपने आप को जम्मू कश्मीर की धारा 370 से अलग-थलग महसूस करता था लेकिन धारा 370 हटने के बाद देश के मुसलमानों के लिए भी जम्मू कश्मीर में कई आर्थिक एवं सामाजिक रास्ते खोल दिए हैं जिनके द्वारा वह भी अनेक लाभ ले पाएंगे
लखनऊ के आलमनगर और काकोरी रेलवे स्टेशनों के बीच रेलगाड़ी से सरकारी खजाना लूटा था
देश की प्रमुख घटनाओं में सुमार काकोरी कांड आज के ही दिन 9 अगस्त 1925 को लखनऊ से 14 किलोमीटर दूर आलमनगर से काकोरी रेलवे स्टेशन के बीच के बीच में देश के प्रमुख क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल आसिफ उल्ला खान राजेंद्र रोशन सिंह एवं राजेंद्र लाहिड़ी सहित 10 क्रांतिकारी साथियों ने अंग्रेजी हुकूमत के सरकारी खजाने को रेलगाड़ी में से लूट कर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी जिसके फलस्वरूप अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें गिरफ्तार कर कर उन पर कठोर धाराओं में मुकदमा चलाया बाद में इन सभी को फांसी दे दी गई थी यह घटना इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगी क्योंकि इन जैसे आजादी के दीवानों क्रांतिकारियों की कहानियां से हमारे देश के युवाओं को हमेशा प्रेरणा मिलती रहेगी जिस अंग्रेजी हुeकूमत को अपनी शक्ति पर इतना गुमान था कि वह भारत पर हमेशा हमेशा के लिए राज्य करना चाहता था लेकिन कुछ आजादी के दीवानों ने तो कुछ और ही सोच रखा था जो बिना किसी जीवन मृत्यु की परवाह किए हुए हंसते हंसते देश के लिए कुर्बान हो गए और अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दे गए की आज नहीं तो कल हम जैसे अनेक क्रांतिकारी अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजादकरा कर ही रहेंगे काकोरी कांड की यह घटना से युवाओं में एक जोश एवं संचार का कार्य किया इसके बाद अनेक युवा देश के सशक्त तरीके से आंदोलन करके आजाद कराने के लिए प्रयत्न करने लगे इन आंदोलनों के फल स्वरुप बाद में सन 1947 को हमारा देश आजाद हुआ हम सभी देशवासी इन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं🌻🌻🌻🌹🌷⚘🌸💐🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
करो या मरो अगस्त 8- 9 अगस्त क्रांति
आज हमारा देश के प्रमुख स्वतंत्रता आंदोलन अंग्रेजों भारत छोड़ो की वर्षगांठ मना रहा है अगस्त क्रांति के रूप में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा आंदोलन भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत 9 अगस्त 1942 को हुई थी देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा भारतीय जनमानस के सहयोग से छेड़ा गया उसी में एक नारा दिया गया करो या मरो गांधी जी द्वारा छेड़ा गया यह देश का अंतिम वृहद आंदोलन था जिसमें पूरब से लेकर पश्चिम उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारतीय जनमानस अंग्रेजी हुकूमत के शासन को उखाड़ फेंकने के लिए सड़कों पर आ गया था यह आंदोलन इतना व्यापक था कि इस की धमक से अंग्रेजी साम्राज्य दहल गया क्योंकि उस समय पूरे विश्व में द्वितीय विश्व युद्ध के बादल मंडरा रहे थे वहीं दूसरी ओर देश के गरम दल के नेता सुभाष चंद्र बोस जी जापान एवं जर्मनी के सहयोग से अपनी खुद की सेना आजाद हिंद फौज को तैयार करके अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशक्त युद्ध लड़कर देश को आजाद कराने के लिए संघर्षशील थे उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत पर आक्रमण कर कर रंगून से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों पर आजाद हिंद का परचम लहरा दिया था ऐसे समय में अंग्रेजी हुकूमत के लिए भारत को आजाद करने के सिवा कोई विकल्प मौजूद नहीं था क्योंकि इंग्लैंड के प्रत्यक्ष रूप से द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल होने के कारण इंग्लैंड आर्थिक स्थिति से टूट चुका था वहीं भारतीय जनमानस पूरी तरह से देश को स्वतंत्र कराने के लिए हर प्रकार के आंदोलन के लिए तैयार था ऐसी स्थिति में इंग्लैंड ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन भारतीय वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन के नेतृत्व में भारतीय कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर 1946 में एक आंतरिक कमेटी का गठन किया एवं भारतीय संविधान एवं राज्यों के परिसीमन पर अमल करके भारत को 15 अगस्त 1947 में दो भागों में बांटकर स्वतंत्र कर दिया एक भाग तत्कालीन पूर्वी बांग्लादेश एवं पाकिस्तान के रूप में 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है क्योंकि 1971 में पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश के रूप में एक स्वतंत्र देश बन चुका है इसलिए वह अपना स्वतंत्रता दिवस अलग मनाने लगा
बुधवार, 7 अगस्त 2019
अपनी ओजस्वी भाषा शैली से पूरे विश्व को हिला देने वाली महान राजनैतिक महिला सुषमा स्वराज जी अब हम सबके बीच नहीं रही
सच में एक ऐसी आवाज जिसे सुनकर लोगों में जोश भर आता था हां कुछ ही दिनों पहले की बात है जब हमारी देश की एक शेरनी संसद में दहाड़ा करती थी तो उस की धमक पूरे विश्व में भारतीय वैभव पूर्ण चेहरे के रूप में दिखाई देती थी हां मैं बात कर रहा हूं हमारे देश की राजनीति की चमकते हुए सितारे सुषमा स्वराज जो आज हम सभी के बीच से निकल कर आसमान में एक तारा बन चुकी है सुषमा स्वराज अकेली बीजेपी की एक बड़ी राजनेता ना हो के देश की महिलाओं के लिए आइकॉन बन कर प्रेरणा देती थी जिन्होंने भारत में महिलाओं को एक ऊंचे मुकाम पर पहुंचाने के लिए विशेष प्रेरणादायक बनकर भारतीय राजनीति में कई दशकों तक अपनी भारतीय वेशभूषा एवं संस्कृति से पूरे विश्व को रूबरू कराया भारतीय परिधान साड़ी माथे पर बिंदी पूरी तरह से एक भारतीय नारी की तरह दिखने वाली स्वर्गीय सुषमा स्वराज की हमेशा देश के लोगों के दिलों में राज करती थी पक्ष हो या विपक्ष हो शत्रु देश हो या मित्र देश हो सभी उनकी सधे हुए शब्दों के भाषणों से अभिभूत होकर उनकी प्रशंसा करने से पीछे नहीं हटते थे अंतिम बार उन्होंने मध्य प्रदेश के विदिशा लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर बीजेपी की नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री वाले मंत्रिपरिषद में विदेश मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्री पद लेकर अपनी क्षमता एवं प्रतिभा का परिचय दिया उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के मंत्री मंडल में भी मंत्री रहते हुए अनेक जन हितेषी कार्य किए थे नरेंद्र मोदी पार्ट 2 गवर्नमेंट के चुनाव में उन्होंने स्वेच्छा से स्वस्थ खराब होने के कारण लोकसभा चुनाव लड़ने मैं असमर्थता जताते हुए मंत्री पद लेने से मना कर दिया था कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य भी सही नहीं चल रहा था उनका स्वर्गवास दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में हो गया है हम सभी देशवासी उन्हें हमेशा अपने दिलों में रखते हुए उनके किए गए कार्यों के लिए कृतज्ञ रहेंगे इस महान देश की तेजस्वी राजनीतिक महिला को हम सब देशवासी नमन करते हैं उन्हें भाव पूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं🌻🌼🌼💐🙏🙏🙏🙏🙏🌻🌻🌻🌻🌻🌻
मंगलवार, 6 अगस्त 2019
समुंदर में लहर कैसे नहीं उठेगी साथियों एक बार तबीयत से पत्थर उछाल के तो देखो
#सिविल_सेवा .....किसके लिए कितनी आसान....!!!
1...पढ़ने में गहन रुचि....अगर आप 2-3घन्टे तक एक जगह बैठकर किताबों के साथ डूबे रह सकते हो...,जैसे एक गुदगुदाने वाले उपन्यास को पढ़ते समय पता ही नहीं चलता ,कब दो से तीन घंटे बीत गए अथार्त पढ़ाई को एन्जाय करते हो ।
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2...निरन्तरता का कोई जबाव नहीं....... हर रोज़ पढने की ललक .........चाहें पांच छह घंटे ही पढ़े,क्योंकि सप्ताह में चार दिन पंद्रह-पंद्रह घंटे पढ़कर, तीन दिन मौजमस्ती करने से अच्छा है, सप्ताह के सातों दिन आठ आठ घंटे पढ़ना ....
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3...करेंट अफेयर पर तगड़ी पकड़ .......सिविल सेवा की तैयारी 70 फीसदी डैली के न्यूजपेपर से होती हैं.....इसलिए खुद को हर दिन देश- दुनिया की खबरों व घटनाओं के प्रति alert रखता हो ,न्यूजपेपर को किताब की तरह पढ़ता हो..., लेकिन चुनिंदा खबरों तथा लेखों को ही....
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4......तैयारी के शुरुआती चार महीनों में हर रोज़ आधा घंटा सिविल सेवा के सिलेबस को समझने में लगाइये,उसके पश्चात् अगले चार महीने हर रोज़ आधा घंटा आईएएस के पुराने पेपरों को समझने में लगाइये.....यह याद रखिए अगर आपने सिलेबस तथा पुराने पेपरों को नहीं समझा,तो आपने UPSC के बारे में कुछ भी नहीं समझा,क्योंकि यही आपकी गीता हैं,यही आपकी कुरान हैं ......
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5....6-12 NCERT किताबों का खुद को विशेषज्ञ बना ले... कुछ चुनिंदा विषयों का
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6.....सबसे अन्त में सबसे जरूरी भी एक वैकल्पिक कैरियर दिमाग में रखिए, ताकि आगे चलकर ज्यादा हाथ - पाव ना मारना पड़े (इसको अधिकतर लोग गंभीरता से नहीं लेते हैं)
#All_The_Best
बुधवार, 31 जुलाई 2019
ऐसी पेंशन स्कीम जिस के नियम पढ़कर लॉर्ड डलहौजी को भी शर्म आ जाए
पुरानी पेंशन स्कीम के बदले में लाई गई न्यू पेंशन स्कीम की नई नई शर्तों को देखकर कर्मचारी मानसिक तनाव में जी रहे हैं अभी कुछ दिन पहले एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें न्यू पेंशन स्कीम के कर्मचारी कि रिटायरमेंट होने के पहले मृत्यु हो जाती है तो उसके न्यू पेंशन स्कीम फंड की हकदार उसकी पत्नी एवं बच्चे नहीं होंगे वह सरकारी फंड में जप्त कर लिया जाएगा आपको बता दें देश में पुरानी पेंशन स्कीम को खत्म कर न्यू पेंशन स्कीम सन 2004 को भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा लागू की गई थी इसको लागू करने के समय अनेक यूनियन एवं सरकारी कर्मचारी संगठन के लोगों की सलाह एवं स्वीकृति के आधार पर किया गया था क्योंकि नई पेंशन स्कीम को लागू करने का फैसला करने वाली कमेटी में ज्यादातर लोग पुरानी पेंशन पहले से ही पा रहे थे इसलिए उन्होंने कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर बिना लाभ-हानि सोचे समझे इसे लागू कराने के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी थी राजनेता किसी प्रकार का विरोध ना करें इसलिए इस स्कीम में सांसद विधायकों को अलग रखा गया था उन्हें पूर्व की भांति पुरानी पेंशन प्रदान की गई अब 2004 से लगभग 15 वर्ष बाद अब ज्यादातर 2004के नए कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम के तहत आने वाले हैं अब उन्हें न्यू पेंशन स्कीम की कठोर शब्दों से रूबरू होना पड़ रहा है जो कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करके लागू की गई थी न्यू पेंशन स्कीम पूरी तरह से शेयर मार्केट एवं कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई थी जिसमें सरकार मनमाफिक डूबते हुए प्राइवेट एवं सरकारी सेक्टरों को साधने के लिए न्यू पेंशन स्कीम फंड के पैसों को लगाकर उन्हें बचाने का प्रयास करती है जिससे कर्मचारियों के भविष्य को लेकर हमेशा आशंका बनी रहती है अनेक कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम के तहत फंड नहीं कटाना चाहते हैं ना ही गवर्नमेंट द्वारा दिए गए आधे पैसे को लेना चाहते हैं फिर भी सरकार द्वारा जबरदस्ती नए कर्मचारियों को न्यू पेंशन में लाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है जुलाई माह कि ज्यादातर एनपीएस का फॉर्म ना भरने वाले कर्मचारियों की सैलेरी तक रोक दी गई वर्तमान में न्यू पेंशन स्कीम के कुछ पात्र लोगों को पेंशन मिलना शुरू हुई है जिसको देखकर लोगों का बुरा हाल है क्योंकि कर्मचारियों का खुद का पैसा वापस नहीं हो पा रहा है और इस पेंशन के नाम पर मात्र कुछ हजार रुपए पकड़ाया जा रहे है उतना तो आम लोगों को वृद्धा एवं विधवा पेंशन में मिलता है जो इस कमरतोड़ महंगाई में ऊंट के मुंह में जीरा समान है सबसे ज्यादा वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को अपने परिवार के भविष्य को लेकर लेकर अनेक प्रकार की आशंका है क्योंकि इस स्कीम में अगर नौकरी के समय सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके जमा फंड से उसके परिवार एवं पत्नी को किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जाएगी भारतीय रेलवे एवं अर्धसैनिक बलों की नौकरी में तो हमेशा जीवन का रिक्स बना ही रहता है हर समय दुर्घटना के चांस अधिक रहते हैं ऐसे में कर्मचारी को अपने परिवार के भविष्य को लेकर आशंका रखना लाजमी है वर्तमान जिस प्रकार राज्य एवं केंद्र प्रशासन कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर सांसद विधायकों को बढ़ा चढ़ा के वेतन एवं पुरानी पेंशन स्कीम प्राइवेट कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए जबरदस्ती न्यू पेंशन स्कीम को नए कर्मचारियों पर थोपने का कार्य कर रही है सरकार का एक यह कृत्य 1857 की क्रांति में लॉर्ड डलहौजी के राज्य हड़प नीति से पूरी तरह से मिलता है जिसमें अंग्रेजी कंपनी एवं अंग्रेजी शासन के नुमाइंदे लॉर्ड डलहौजी द्वारा देश के राज्यों को हड़पने के लिए विशेष नीति अपनाई उसी के परिणाम स्वरूप 1857 की क्रांति हुई थी जो कि भारत की स्वतंत्रता मैं नीव का पत्थर साबित हुई कर्मचारियों के हितों एवं अधिकारों की अनदेखी को लेकर सरकारी कर्मचारियों में एक विद्रोह का माहौल बन रहा है 🌻🙏🙏🙏🙏🌻Awaj
शनिवार, 27 जुलाई 2019
सूर्यवंशम के हीरा ठाकुर के बाद सबसे ज्यादा देखे जाने वाली रीना ठाकुर की वीडियो
पूरे देश में उत्सुकता पूर्वक देखी जा रही सत्तारूढ़ पार्टी की युवा मोर्चा की पदाधिकारी रीना ठाकुर एवं उपेन पंडित की अश्लील वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पार्टी ने दोनों पार्टी पदाधिकारियों को सदस्यता एवं पार्टी से बर्खास्त कर दिया एवं बहुत जल्दी ही उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है आपको बता देंगे कुछ दिनों से पूरे देश में इन दोनों सत्तारूढ़ पार्टी के पदाधिकारियों की करतूत को देख कर सभी लोग शर्मसार है वही कुछ लोग बड़ी उत्सुकता पूर्वक इस वीडियो की खोजबीन कर अपनी उत्सुकता को शांत कर रहे हैं फोटो एप के नशे में डूबी सोशल मीडिया को एक नई कहानी मिल गई है जिसका वह चटकारे लेकर मजा ले रही है देश की सभ्य एवं संस्कारी सत्तारूढ़ पार्टी के युवा संगठन को इस अश्लील वीडियो कांड से बड़ा ही धक्का लगा है क्योंकि राजनीति में महिलाओं के शोषण को देखते हुए ज्यादातर युक्तियां एवं छात्राएं राजनीति में आने से कतराती है धीरे धीरे महिलाएं छात्राएं युवतियां बड़ी संख्या में राजनीति से जुड़कर देश हित में कार्य करने के लिए पार्टी में सहभागिता निभा रही है वर्तमान में पार्टी द्वारा महा सदस्यता अभियान छेड़ रखा है जो देश के लगभग सभी हिस्सों में चल रहा है जिसमें लाखों की संख्या में लोगों को संगठन से जोड़ा जा रहा है लेकिन इस वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्ष एवं सोशल मीडिया जगत पार्टी की नीतियों का सवाल उठा रहे हैं क्योंकि वर्तमान सत्तारूढ़ पार्टी ने देश भर में सभी प्रकार के पोर्न वेबसाइट साइटों कानूनी रूप से तहत बंद करवा दिया था जिसकी देशभर में सराहना हुई लेकिन पार्टी के ही पदाधिकारियों द्वारा प्रथम दृष्टया आपसी सहमति से बेहद ही अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करना पार्टी को शर्मसार करने वाला है इस पूरे प्रकरण से जहां विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया वहीं सत्तापक्ष हो रक्षात्मक मुद्रा अपनानी पड़ रही है जहां कुछ दिन पूर्व विधायक की पुत्री को लेकर अनेक नैतिकता की दुहाई दी जा रही थी लेकिन इस प्रकरण में सब नैतिकता एवं शर्म को ताक पर रख कर दोनों ही पदाधिकारियों ने देश भर के सामने अनदेखे राजनीति के गंदे चेहरे को उजागर किया है आपको बता दें कि इस प्रकार के अनेक राजनैतिक लोगों के प्रकरण समाज के सामने आते रहे हैं जिससे पहले से ही बदनाम राजनीति में महिलाओं की स्थिति पर गहरा आघात पहुंचा है
रविवार, 21 जुलाई 2019
आने वाले समय में होगी पूरी दुनिया की बहुत बड़ी जनसंख्या बुढ़ापे की शिकार
हो जाइए सावधान कुछ ही दिनों में फेसबुक व्हाट्सएप एवं सभी सोशल साइट चलाने वाले ज्यादातर लोग बूढ़े होने वाले हैं मात्र कुछ ही दिनों में बहुत से लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं अपने परिवार के सदस्यों की बच्चों की फेसबुक एवं अन्य सोशल साइट पर ध्यान रखें कहीं अपने परिवार के सदस्य के भी बूढ़ी तस्वीर देख कर आप को झटका ना लग जाए घबराइए गा नहीं क्योंकि यह कमाल है फेस एप्प नामक एक फोटो ऐप्स का जिसके माध्यम से लोग अपनी उम्र से सीधे 68 साल के व्यक्ति जैसे दिखने लगेंगे जी हां सबसे ज्यादा ट्रेड करने वाला यह एप्स पूरे विश्व भर में फेमस हो रहा है सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाले ऐप में सबसे अधिक ट्रेड करने वाला यह फोटो फेस एप सर्वप्रथम 2017 में आया था लेकिन उस समय कितना अधिक पॉपुलर नहीं हुआ था लेकिन वर्तमान में इसका क्रेज युवाओं के सर पर चढ़कर बोल रहा है लगभग हर चौथे व्यक्ति की फेसबुक आईडी पर उसके बुढ़ापे की तस्वीर वायरल हो रही है यह युवाओं का उत्साह यहीं तक सीमित नहीं रह रहा है वह अपने चहेते खिलाड़ी फिल्मी हीरो एवं राजनैतिक व्यक्तियों की फोटो को भी इस ऐप की मदद से बूढ़ा बना कर मजे से अपलोड कर रहे हैं सबसे अधिक मजे की बात है इस ऐप का इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग पुरुष हैं युवतियां छात्राएं एवं महिलाएं इस ऐप का इस्तेमाल करने से बच रही हैं हां यह बात अलग है कि उनके पुरुष मित्र एवं बच्चे उनकी फोटो को अधिक उम्र का बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर के मजे ले रहे हैं इस ऐप को डाउनलोड करना एकदम आसान है गूगल प्ले स्टोर में जाकर फेस एप के नाम से सर्च कर कर सबसे पहले ट्रेड करने लगेगा उसी को डाउनलोड कर कर आप भी अपने लोगों दोस्त यार परिवार के सदस्यों की बुढ़ापे की तस्वीर बनाकर भविष्य में झांक सकते हैं
यह लड़की नहीं मानेगी हौसले की उड़ान बहुत ऊंची है
भारत की स्टार धाविका हिमा दास ने एक और इतिहास लिख दिया हिमा दास ने लगातार पांचवां स्वर्ण भी अपने नाम करके देश का नाम गर्व से ऊपर कर दिया जहां कुछ दिन पूर्व देश की मीडिया विधायक की लड़की के घर से भागने के कार्यक्रम को चला कर पूरे देश में हंगामा खड़ा कर रही थी उसी समय एक गरीब हिंदुस्तानी लड़की अपने संघर्ष के दम पर चेक रिपब्लिक देश मैं सफलता के झंडे गाड़ गई थी शनिवार को सेट गणराज मैं विश्व स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता में 400 मीटर स्पर्धा मैं 52:09 का समय निकालकर प्रथम स्थान हासिल किया पिछले कुछ दिनों से हिमा दास प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत रही थी एक एक करके पांच स्वर्ण पदक अपने नाम करके इस धाविका ने बता दिया दुनिया तुम्हारे काम की सराहना करें या ना करें लेकिन आप अपने कार्य में लगन से लगे रहो आज नहीं तो कल यह दुनिया तुम्हें जरूर सलाम करेगी लगातार पांचवी सफलता के बाद देश के कई महान व्यक्तियों ने इस बहुमुखी प्रतिभा की धनी धाविका को बधाई दे रहे है एवं इसकी सफलता को लेकर पूरा देश एक बार फिर से झूम उठा हिमा दास कुछ दिनों पूर्व समाज सेवा के एक कार्य के लिए चर्चित रही हैं इन्होंने अपनी पुरस्कार राशि का आधा हिस्सा बाढ़ पीड़ितों के लिए दान में दे दिया था जहां एक और लोग संपन्न होने के बाद भी समाज सेवा कार्य में पीठ दिखा जाते हैं वही हिमा दास ने अपनी विपरीत परिस्थितियों के बाद भी समाजसेवी का महान कार्य करके सभी देशवासियों का दिल जीत लिया सलाम है इस धाविका के हौसले को🌻🌻🙏🙏🙏🙏
शनिवार, 20 जुलाई 2019
रेल चालक द्वारा ट्रेन को रोककर किया खुले में पेशाब पब्लिक में हुई वायरल वीडियो
भारत स्वच्छता अभियान के तहत सरकार आए दिन देश में लाखों करोड़ों की संख्या एवं रुपए में बनने वाले शौचालयों के बारे में प्रचार प्रसार कर के लोगों को बताती रहती है लेकिन सरकार के ही सरकारी कर्मचारी स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं ताजा मामला मुंबई के लोकल ट्रेन के लोको पायलट जिसे मोटर मैन कहा जाता है उसके द्वारा बीच रास्ते में गाड़ी को रोककर पेशाब करने वाला वीडियो देशभर में वायरल हो रहा है लोग इस वीडियो को शेयर कर कर रेलचालक को बुरा भला कह रहे हैं वही रेल के बारे में जानकारी रखने वाले लोग उक्त चालक की मजबूरी को समझ कर सरकार को कोस रहे है आने वाले समय में सरकार उक्त मोटरमैन के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है यह तो भविष्य मैं पता चलेगा लेकिन अब यह सवाल उठता है कि लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर कर स्वच्छता अभियान चलाने वाली सरकार को रेल चालकों के नित्य क्रिया करने का मूलभूत अधिकार के बारे में फिर से समीक्षा करनी होगी क्या कारण है कि करोड़ों की कीमत के इंजनों में मात्र कुछ हजार रुपए के शौचालय नहीं लग पा रहे हैं आपको बता दें भारतीय रेल में रेल चालक एवं सह चालक जिस इंजन द्वारा मालगाड़ी पैसेंजर गाड़ी लोकल ट्रेन खींचते हैं उसमें किसी भी प्रकार का शौचालय उपलब्ध नहीं होता पैसेंजर गाड़ियों में इंजन के पीछे जो ब्रेक यान एवं जनरल के डिब्बे होते हैं वह सरकारी कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से जानवरों की तरह भरे होते हैं जिसमें प्रवेश करना भी अपने आप में एक कला है कई ट्रेनें तो ऐसी हैं जहां शौचालय में 5 से लेकर 7 लोग तक घुसकर खड़े खड़े सैकड़ों मिलों की यात्रा करते हैं कई ऐसी ट्रेनें हैं जो लंबी दूरी की होती हैं जिनका 400 किलोमीटर तक स्टॉपेज भी नहीं होता है ऐसी स्थिति में इन्हें कितनी पीड़ा सहन करती है इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है मजबूरी में अगर कोई चालक एवं सह चालक गाड़ी को छोड़कर शौचालय के लिए पास कहीं शौचालय जाता है तो उससे अगर ट्रेन के समय में कोई भी डिटेंशन होती है तो उसकी पूरी जिम्मेवारी लोको पायलट और सहायक लोको पायलट की मानी जाती है जिसके लिए उन्हें दंडित किया जाता है ऐसी स्थिति में मजबूरन लोको पायलट सहायक लोको पायलट को चलती गाड़ी में इंजन से ही पेशाब करना पड़ता है एवं जहां भीड़भाड़ वाले इलाके हैं वहां रेल इंजन से उतर कर खुले में पेशाब करने के लिए मजबूर होना पड़ता है जिसका जाने अनजाने में कई यात्री एवं व्यक्ति वीडियो बना कर फोटो खींच कर उनकी मजबूरी का मजाक बनाते हैं एवं उन्हें स्वच्छता अभियान का दुश्मन कहकर बुरा भला कहते हैं इसमें रेल चालक को एवं बुरा भला कहने बाले आम आदमियों की गलती नहीं है क्योंकि उन्हें रेल और रेल के कर्मचारियों के विषय में ज्यादा जानकारी नहीं रहती है आपको बता दें नियमानुसार रेल चालक 10 घंटे में गाड़ी खड़ी कर सकता है लेकिन अधिकारियों द्वारा अनावश्यक दबाव डालकर लगभग 10 घंटे से लेकर 16 घंटे तक लगातार ड्यूटी कराई जाती है जिस रेल को चालक चला कर आता है ड्यूटी पूरी होने के बाद गारंटी नहीं कि उसी ट्रेन में उसे बैठने के लिए भी जगह मिल जाए ज्यादातर उन्हें खड़े-खड़े ही यात्रा करनी पड़ती है घर पहुंचते-पहुंचते कर्मचारियों की ड्यूटी लगभग 15 से 16 घंटे हो जाती है लंबी ड्यूटी एवं इंजन में शौचालय ना होने के कारण ज्यादातर रेल चालक पेशाब रोक कर रखने एवं कम पानी पीने के कारण पथरी हाइड्रोसिल किडनी लीवर जेसी तमाम गंभीर बीमारियों से पीड़ित होते है देश में जहां भीषण गर्मी और सर्दी में जानवरों के लिए तमाम मानव अधिकार आयोग एवं सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्ट हैं जिनके अनुसार जानवरों से अधिकतम 8 घंटे से ज्यादा कार्य ना कराया जाए लेकिन रेल चालकों एवं सह चालक एवं गार्ड के लिए हर प्रकार के मानवाधिकार आयोग आंखें बंद कर लेते है अब सवाल यह उठता है कि क्या कारण है कि देश आजाद होने के कितने सालों बाद भी रेल इंजनों में रेल चालक एवं सहायक चालक गार्ड जानवरों की तरह कार्य कर रहे हैं रेल चालकों के अनुसार वर्तमान हालातों से अधिक अच्छे हालात तो इनके अंग्रेजो के समय रेल संचालन में होते थे जहां रेल का इन्हें मुख्य केंद्र बिंदु माना जाता था और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थी वर्तमान समय में रनिंग के कर्मचारियों के अनेक अधिकारों में कटौती की जा रही है जिससे देश की सबसे जुम्मेबारी वं मेहनती नौकरी को करना बेहद ही कठिन होती जा रही है जिसकी जिम्मेदार वर्तमान यूनियन है या फिर सरकार यह तो शोध का विषय है क्योंकि अन्य रेल कर्मचारियों की अपेक्षा रनिंग कर्मचारियों के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार होता चला आ रहा है बने बनाए नियमों को बदलाव कर कर उनके हकों में हमेशा कटौती की की जाती रही है आम लोगों से निवेदन है कि बिना रेल और रेल कर्मचारियों कार्यों को जाने अपने आप से किसी प्रकार की अवधारणा ना बनाएं सबसे ईमानदार परिश्रमी रेल रेल कर्मचारी लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट को हमेशा सपोर्ट करें
रविवार, 14 जुलाई 2019
विश्व कप फाइनल के इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले का 25000 का टिकट बिका 13 लाख में
भारतीय दर्शक अपनी छाप पूरे विश्व में छोड़ जाते हैं वर्तमान में क्रिकेट का महाकुंभ विश्वकप इंग्लैंड में खेला जा रहा है इसका फाइनल मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच है इस मैच को देखने के लिए इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के दर्शकों में दीवानगी का आलम यह है कि मात्र 25000 का टिकट 1300000 में खरीद कर यह फाइनल मैच देख रहे हैं मुनाफा कमाना कोई भारतीयों से सीखे क्योंकि भारतीय दर्शकों को आशा थी कि भारतीय टीम विश्व कप फाइनल में अवश्य खेलेगी इसलिए विश्व कप के फाइनल मुकाबला की 41% सीटों की टिकट को भारतीय दर्शकों ने पहले से ही खरीद के रख लिया था सभी को ज्ञात है कि विश्व के सबसे अधिक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भारत में रहते हैं भारतीय लोगों को पहले से ही पता है कि किस प्रकार से बुकिंग साइट पर टिकटों के आने से पहले ही साइट को हैक करके पहले से ही टिकट बुक कराए जा सकते हैं आम जीवन में लगभग सभी लोगों ने भारतीय रेल की यात्रा की है सुबह से जब रेल टिकट के रिजर्वेशन की बुकिंग होती है बहुत से ऐसे हैकर होते हैं आम यात्री के टिकट बुक करने के पहले ही 5 मिनट में लगभग पूरे टिकट बुक कर लेते हैं फिर उन्हें कालाबाजारी करके मोटे लाभ पर पर बेचते हैं उसी तरीके से आईसीसी की साइट पर टिकटों की बिक्री होते ही कुछ ही मिनटों में टिकट बिक गए पूरे विश्व कप के सबसे अधिक टिकट खरीदने में सबसे बड़ा योगदान भारतीयों का रहा है किसी भी टीम का मैच होने पर सबसे अधिक भारतीय दर्शक विश्वकप के मैचों में मैं देखने के लिए पहुंचे हैं अब जब भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप के सेमीफाइनल से बाहर हो चुकी है लेकिन 41 परसेंट फाइनल के टिकट भारतीयों के पास हैं दूसरी ओर मेजबान इंग्लैंड फाइनल में पहुंच चुकी है स्थानीय होम ग्राउंड और होम देश होने के कारण स्थानीय लोगों को इंग्लैंड के वर्ल्ड कप के मैच खेलने पर उत्साहवर्धन के लिए स्टेडियम में पहुंचने के लिए टिकट की अति आवश्यकता है लेकिन भारतीय दर्शक इन टिकटों को टिकट काउंटर पर वापसी करने के बजाय टिकट की मूल कीमत से लगभग 55 गुना कीमत में बेच रहे हैं अनुमान 6000 से लेकर 25000 और 85000 कीमत तक के टिकटों को भारतीय दर्शक इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के दर्शकों को 13 लाख से अधिक कीमत पर टिकट बेचकर एक मोटा लाभ उठा रहे हैं इसे कहते हैं आम के आम गुठलियों के दाम इससे उन दर्शकों का दुख जरूर कम होगा जो फाइनल का टिकट लेकर इंडिया को फाइनल खेलते हुए देखना चाहते थे भला हो उन सॉफ्टवेयर इंजीनियरों का जो भारतीय दर्शकों को पूरे विश्व से सबसे पहले टिकट मुहैया कराते हैं भारतीय दर्शकों को आदत है कि तय कीमत से अधिक कीमत पर टिकट खरीदने की इसीलिए वह लाभ भी कमा रहे हैं
सोमवार, 1 जुलाई 2019
1 जुलाई और 1 जनवरी को इतने सारे जन्मदिन आखिर क्यों
कई महान हस्तियों के साथ 1 जुलाई को मेरा भी जन्मदिन था आप सभी को आश्चर्य होगा कि आपकी फेसबुक में 1 जुलाई और 1 जनवरी को सबसे ज्यादा लोगों का जन्मदिन होता बहुत से फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया चलाने वाले लोगों का इतनी लंबी जन्मदिन बालों की लिस्ट देखकर उनका सर चकराने लगता है कि किन किन को बधाई दें कभी आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है ऐसा तो है नहीं कि जुलाई को 1 जनवरी को सबसे बच्चे ज्यादा जन्म लेते हैं फिर क्या कारण है की मार्कशीट और सोशल मीडिया पर 1 जुलाई एवं 1 जनवरी को ज्यादातर लोगों का जन्मदिन होता है इसका मुख्य कारण है आमतौर पर कुछ वर्ष पूर्व लोगों के जन्म प्रमाण पत्र के व्यापक रूप से रजिस्ट्रेशन नहीं होते थे एवं जन्म तिथि का आकलन शैक्षिक मार्कशीट द्वारा होता था इन मार्कशीट में जन्मदिन की घोषणा करने वाले भगवान ब्रह्मा ना होकर स्कूलों के शिक्षक ही उनके जन्मदिन दाता बन जाते थे क्योंकि जब बच्चा स्कूल जाने लायक हो जाता था तो उसके अभिभावक उसे शिक्षा दिलाने हेतु विद्यालयों में दाखिले के लिए सत्र शुरू होते ही अधूरी जानकारी के साथ पहुंच जाते थे तो वहीं पर अध्यापक अपनी सुविधा अनुसार बच्चे का जन्म 1 जुलाई या 1 जनवरी लिखवा देता था जिससे बच्चे की उम्र का सटीक पता लगाया जा सके अगर 1 जनवरी एवं 1 जुलाई को होने से सही साल एवं दिनों का आईडिया हो जाता था इसके दो कारण होते थे एक तो दिन समय जोड़ने का टीचरों की परेशानी खत्म हो जाती थी वही बच्चों के अभिभावकों को भी सुविधा एवं बच्चे की उम्र कम बढ़ा कर हो जाती थी वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया साइटों पर ज्यादातर लोगों अकाउंट बनाने के लिए 16 वर्ष 18 वर्ष पूरा होने के लिए डेट ऑफ बर्थ लिखना पड़ता है ज्यादातर लोग 1 जुलाई और 1 जनवरी को अपना जन्मदिन दिवस दिखा देते है वही उसका आगे चलकर सार्वजनिक जन्म दिवस बन जाता है और लोग उसे शुभकामनाएं देने लगते हैं जन्मदिन हो जाता है मैं आप सभी से इस ब्लॉग के माध्यम से क्षमा चाहता हूं कि मेरा असली जन्मदिन 10 सितंबर है जिन लोगों को मेरे 1 जुलाई वाले जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने के लिए असुविधा हुई हो मैं उनसे क्षमा चाहता हूं🌷🎂🍾🌻
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