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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हिंदी पत्रकारिता संविधान का चौथा स्तंभ या सत्ता पक्ष विपक्ष एवं चंद उद्योगपतियों की व्यवसायिक दुकान

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🎭आज 🖋️पत्रकारिता दिवस है लेकिन वर्तमान में देश में अधिकतर पत्रकार  सत्तापक्ष एवं विपक्ष की गोद मैं बैठकर कहीं ना कहीं इस पवित्र पेशे को बदनाम कर  रहे हैं कभी पत्रकार फटे हाल हुआ करते थे आज बड़े-बड़े ऑफिस लंबी चौड़ी गाड़ियां थानों की दलाली विभागों में कमीशन यह सब पत्रकारों के मुख्य कार्य बन चुके हैं पूर्व में पत्रकारिता का मुख्य कार्य उन बेजुबान लोगों की आवाज बन कर शासन-प्रशासन सत्ता में बैठे हुए अंधे बहरे हो चुके सिस्टम को झकझोर कर उसे याद दिलाना कि संविधान का चौथा स्तंभ मीडिया अभी जिंदा है लेकिन समय का ऐसा चक्र घुमा चंद उद्योगपतियों की घर के चौखट को चूमना ही पत्रकारिता बनता जा रहा है पत्रकार भी क्या करें कहीं ना कहीं व्यवसाय लोग इस पवित्र पेशे में कूद गए जो शाम दंड भेद सभी अपनाकर वही शब्द लेखनी एवं मुंह में डालते हैं जिससे उन्हें एवं उनके आकाओं को फायदा हो साथियों पानी के बहाव में तो लाशें  बहा करती हैं असली बहादुर वह है जब विपरीत दिशा में चल कर लोगों की दबी आवाज को आंधी बनाकर संविधान के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाएं

सहारा 🇮🇳इंडिया परिवार यदि भारत है तुम्हारा तो ₹ पैसा दे दो अब 😷हमारा 👳मेरा मुझ को अर्पण क्या 🙏लागे तेरा 👩‍🎓वित्त मंत्री एवं सेवी से 👩‍👩‍👧‍👧अनुरोध है 🙏मेरा ना रखो दिया तले अंधेरा🌚

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🎭 विश्व भर में फैली🐉कोरोना वायरस महामारी के कारण 60 दिन से अधिक समय तक देश बंद होने से उपजे आर्थिक सुनामी ने पूरी तरह भारतीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को तोड़ कर  रख दिया है पूरे देश में लोगों के पलायन एवं रोजगार खत्म होने के कारण आने वाले समय में लोगों को एक एक रुपए के लिए पूरी तरह से सरकार एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं साहूकारों के सामने हाथ फैलाने की नौबत आ गई है यह वही देश के नागरिक हैं जिन्होंने अपने खून पसीने और मेहनत से देश की प्रगति में अमूल्य योगदान किया है देश का किसान आज पूरे देश का पेट भरने की दम रखता था लेकिन वर्तमान में बढ़ रहा विदेशी टिडियो दल के समूहों का खतरा उन किसानों के साथ पूरे देश की खाद्य समस्या के भविष्य को लेकर एक डरावनी तस्वीर खींच रहा है इन सभी प्राकृतिक घटनाओं से उपजी बेरोजगारी  कहीं ना कहीं देश का  गरीब मजदूर एवं मध्यवर्गीय परिवार के साथ उद्योग धंधे पूरी तरह से तबाह होते जा रहे है पक्ष विपक्ष तमाम घटनाक्रम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है विपक्ष सत्ता पक्ष पर लोगों के खातों में डायरेक्ट पैसे डालने की मांग कर रहा है वही सत्ता पक्ष विपक्ष ...

आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश को मिला आर्थिक महा केज विश्व आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत

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🎭 क्या 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज से आत्मनिर्भर बन पाएगा भारत आज हमारे देश के   🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को संबोधित करते हुए आर्थिक महा पैकेज की घोषणा की गई है जिसमें 20 लाख करोड रुपए के आर्थिक पैकेज जो भारत को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक महाशक्ति बनाने के तौर पर दिया जा रहा है जिसकी  जानकारी  कुछ दिनों में विस्तारपूर्वक दी जाएगी  लॉक डाउन 3 के बाद भी देश के विभिन्न क्षेत्रों में लॉक डाउन जारी रहेगा कुछ विशेष शर्तों के साथ कुछ क्षेत्र एवं इकाइयां खुल सकती है एवं लोगों को रोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंस मास्क हैंड वॉश जैसे अनेक कार्यों को अपने जीवन में लंबे समय तक के लिए सम्मिलित करने की आदत डालनी होगी आर्थिक पैकेज की घोषणा भारत द्वारा अन्य देशों की तुलना में कुछ समय लगाने के बाद की गई है इसके पहले विश्व के अनेक देशों ने अपने अपने देश के औद्योगिक क्षेत्रों को आर्थिक मंदी से बचाने के लिए इस प्रकार के राहत पैकेज की घोषणा कर चुके हैं पूरे विश्व में सबसे अधिक जापान द्वारा लगभग सकल घरेलू उत्पाद का 21.1 प्रतिशत आर्थिक पैकेज के रूप में अपने देशवासियों...

एक बगल में 🌝चांद होगा 🛠️एक बगल में 🍪रोटियां @🇮🇳पलायन एक आशा या निराशा

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 कोरोनावायरस से फैली महामारी के कारण एक और दर्दनाक दुखद मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद में घटित हुई जिसमें प्रवासी मजदूर लगभग 6 सप्ताह से लॉक डाउन हटने का इंतजार करने के बाद अपने घर पहुंचने की आशा लिए  भूखे प्यासे सूखी रोटियां के साथ  राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच में फिटबॉल बन चुके यह प्रवासी मजदूर सरकारों की लोगों को  उनके घरों की ओर भेजने की घोषणा होने के बाद आशा लेकर विभिन्न स्टेशनों पर पहुंचना शुरू हुए क्योंकि  महामारी बंदी के कारण विभिन्न यातायात के साधन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित थे एवं जितनी भी बचत पहुंची थी वह खत्म हो चुकी थी फैक्ट्री के मालिक से लेकर मकान मालिक अपने अपने तरीके से प्रवासी मजदूरों पर पलायन के लिए दबाव बना रहे थे इस कारण विभिन्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर अपने  परिवार के साथ रेल की पटरी के सहारे बड़े स्टेशनों के लिए निकल पड़े उन्हें आशा थी के वहां से उनके कई सैकड़ों किलोमीटर दूर गांव के लिए ट्रेनों में सरकार उन्हें भेजने की व्यवस्था करगी उन्हें क्या पता था की रेल लाइन पर चलते चलते बुद्ध पूर्णि...

@ ना आना अभी हमारे देश# ☠️ दम तोड़ता पर्यटन उद्योग

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विश्व भर में महामारी बन के कोरोनावायरस ने पूरे विश्व का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है इसके कारण विश्व भर में खाद्य पदार्थ दवाइयां एवं जरूरी संसाधन के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है आने वाले समय में से भारी आर्थिक उथल-पुथल पूरे विश्व भर में हो सकती है भारत में भी इसका असर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा सबसे अधिक भारत के पर्यटन उद्योग की कमर टूटने वाली है क्योंकि प्रत्येक वर्ष पूरे विश्व भर से देश के पर्यटक स्थलों को देखने के लिए लाखों की संख्या पर्यटक आकर यहां पर लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते थे पर्यटन उद्योग के लिए बड़े-बड़े उद्योग समूह द्वारा भारी भरकम इन्वेस्ट करके रखा था देश की जहां तक पर्यटन स्थल रेल मार्ग यातायात मार्ग वायु मार्ग से जुड़े हुए हैं विभिन्न लग्जरी वाहनों के साथ विश्वस्तर की डेकोरेट इंपोर्टेड सामानों से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कराया जाता था भारत के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को देखने के लिए पूरे विश्व भर से लोग भारत की ओर खींचे चले आते थे लेकिन वर्तमान में पूर्व विश्व में फैली कोरोनावायरस विचित्र बीमारी के कारण कहीं ना कहीं पूरे विश्व भर के लोगों...

बुंदेलखंड के लिए वरदान साबित हो सकता है कोरोना वायरस

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पूरे विश्व में इतिहास की सबसे बड़ी भयानक महामारी का रूप ले चुके कोरोनावायरस से अब तक लाखों की संख्या में लोग अपनी जान गवा बैठे हैं एवं  पूरे विश्व भर की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है आज   फिर से  देशभर में लॉक डाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया  है पूरा विश्व भर के देश वर्तमान समय मैं दवा भोजन एवं राहत सामग्री के लिए एक दूसरे देशों के मुंह ताक रहे हैं विश्व भर का एक बड़ा हिस्सा घरों में कैद होकर रह गया  इस महामारी के कारण पूरे विश्व भर में व्यापारिक आर्थिक सामाजिक लाभ लेने के कारण कहीं  ना कहीं पूरे विश्व भर में चीन देश की छवि एक मौकापरस्त एवं लालची देश की बन चुकी है विश्व के प्रमुख देशों ने चीनी सरकार से कोरोना वायरस के कारण हुए नुकसान का हर्जाना मांगा जा रहा है विश्व में चीन को अलग-थलग करने की विश्व के देशों द्वारा एकजुटता  की आशंका जताई जा रही आने वाले समय में चीन में औद्योगिक इकाइयां लगाकर व्यापार कर रही विश्व भर की हजारों कंपनियां अपने व्यापार को उठाकर कहीं दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए मजबूर हैं विभिन्न आर्थिक महाशक्ति कहलाने वाले द...