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AI टूल्स डायरेक्टरी — निष्पक्ष पत्रिका
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निष्पक्ष पत्रिका · AI टूल्स डायरेक्टरी · संपादक: रविंद्र साहू
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शनिवार, 13 मार्च 2021

हर किसी पर आंख बंद कर विश्वास घातक हो सकता है सनम तो डूबेंगे आप को भी ले डूबेंगे


 जीवन में मनुष्य कुछ पाने  के लिए हर किसी पर आंख बंद कर विश्वास करने लगता है और वह सोचता है कि जिस पर मैं विश्वास कर रहा हूं वह मुझे सफलता के आसमान पर पहुंचा देगा

लेकिन हर रथ के  सारथी श्री कृष्ण नहीं होते  अनजाने में लोग ऐसे व्यक्तियों पर भी विश्वास कर लेते हैं जो कुशल सारथी होने का ढोंग कर कर गलत तरीके से रथ पर बैठ जाते हैं जो भविष्य में उन्हें पूरी तरीके से बर्बादी के रास्ते पर पहुंचा देते 


प्रथम विश्व युद्ध के बाद  विश्व भर में अपने कारनामों एवं अपनी अहंकारी नीतियों को लागू करके हिटलर पूरे विश्व भर में अपनी तानाशाही के बल पर अपने आप को सर्वश्रेष्ठ कहलाने के लिए लोगों को गुमराह करता था उसका मत था कि वह ईश्वर का प्रतिनिधि है एवं वह पूरे विश्व पर राज करने के लिए उसने इस पृथ्वी पर जन्म लिया हैं शुरुआत में कुछ सफलता मिलने पर जर्मनी एवं उसके सहयोगी देश एवं वहां के लोग उसे ईश्वर का प्रतिनिधि मानकर उसके एक इशारे पर अपनी एवं अपने परिवार की जान दाव पर लगा देते थे

उसी के इशारों पर अनेक यहूदियों एवं शत्रु देशों के सैनिकों एवं लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया एवं उपनिवेश एवं साम्राज्य बढ़ाने के लिए कई घातक हथियारों का निर्माण करके पूरे विश्व भर में उथल-पुथल मचा दी

लेकिन बुरे का अंत बुरा होता है अंत में हिटलर एवं जर्मनी का पतन हुआ और हिटलर ने सबसे बड़ा कायराना कार्य करके  आत्महत्या कर ली


और अपने सभी सहयोगियों को बर्बादी की कगार पर छोड़ दिया  इस प्रकार के व्यक्तियों को बढ़ावा देने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान उन लोगों का भी होता है जो कुछ चाहने की चाहत में हर किसी पर आंख बंद करके विश्वास कर लेते हैं बिना किसी अंजाम की परवाह किए बगैर लेकिन हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती इसी सरकार कुछ सफलता अर्जित करने वाला व्यक्ति ईश्वर का प्रतिनिधि नहीं हो सकता अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करें अपने अच्छे और बुरे को इत्मीनान से समझकर प्रत्येक कार्य करें इसी में मानव जाति की भलाई 

गुरुवार, 11 मार्च 2021

आध्यात्मिक की गहराइयों में डूबने का पवित्र महापर्व है महाशिवरात्रि


  #महाशिवरात्रि #Mahashivratri

अघोरी शास्त्र स्वरोदय विज्ञान तंत्र मंत्र यंत्र से लेकर मानव कल्पना से परे दिव्य अलौकिक आध्यात्मिक की गहराइयों को जानने की उत्सुकता प्रत्येक मनुष्य के मन में होती है जीवन का सत्य जानने के लिए लोग सैकड़ों वर्ष की तपस्या मैं भी जो फल प्राप्त नहीं कर पाते जो साल भर में एक बार आने वाले


महापर्व महाशिवरात्रि पर साधना करके कोई भी व्यक्ति प्राप्त कर सकता है जीवन में व्यक्ति को अपने आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत एक नास्तिक व्यक्ति बन कर करनी चाहिए क्योंकि वह व्यक्ति हर प्रकार के तर्क वितर्क एवं अपनी जिज्ञासाओं को अध्यात्म के रास्ते की गहराइयों में डूब कर खुद हर लमहे को जीकर एवं पाकर अपनी कल्पना से वास्तविक ईश्वर की पहचान कर सकता है


संपूर्ण ब्रह्मांड में एकमात्र शिव स्वरूप परमात्मा जो कि निराकार रूप में सभी और व्याप्त है उसकी खोज मनुष्य का प्रमुख उद्देश्य होता है जिसे पाकर व्यक्ति मोक्ष की कामना करता है


शिव के एक रूप अघोरी जिसके बारे में प्रत्येक व्यक्ति के अंदर उसे जानने की उत्सुकता होती है अघोरी जीवन एक ऐसा जीवन है कि जो सभी प्रकार कामनाओं पर विजय प्राप्त करने के बाद ही जिया जा सकता है


एक अघोरी हर उस वस्तु को जो उसे दिखाई दे सुनाई दे या महसूस हो उसे शिव के स्वरूप के रूप में देखता है जिसके कारण उन्हें कोई भी कर्म है या चीज बुरी नहीं लगती है वह हमेशा इस प्रकार का जीवन जीते हैं जो आम व्यक्ति की समझ से परे है यह जीवन घोर अध्यात्म का होता है


जब मनुष्य इनके वास्तविक आध्यात्मिक को समझता है तो उसे समझ में आता है कि सांसारिक जीवन से भी बढ़कर अध्यात्म और अध्यात्म से बढ़कर मोक्ष की प्राप्ति के लिए किए गए विशेष हट योग एवं कर्म से मानव उत्थान एवं कल्याण का रास्ता ही वास्तविक ईश्वर भक्ति एवं ईश्वर को प्राप्त करने का रास्ता है


महाशिवरात्रि को ब्रह्मांड में एक अलौकिक शक्ति का उदय होता है जो उसे एक मनुष्य को शिव स्वरूप बना देती है लेकिन इसके वास्तविक चमत्कारों का लाभ वही व्यक्ति उठा पाता है कि


जो शिवरात्रि के दिन पूर्ण रूप से शिवमय होकर आराधना कर सके

मंगलवार, 9 मार्च 2021

समाज में फैले भ्रष्टाचार की कहानियों का पिटारा मुसद्दीलाल का ऑफिस ऑफिस प्रोग्राम


 सरकारी विभागों एवं आम जीवन में आम व्यक्ति की समस्याओं को लेकर ऑफिस ऑफिस मुसद्दीलाल सीरियल जो कि काफी वर्ष पहले पंकज कपूर के मुसद्दीलाल किरदार के इर्द-गिर्द घूमने वाले पात्रों एवं विभिन्न घटनाओं समस्याओं को रेखांकित करके समाज के कुरूप चेहरे को दर्शकों के सामने परोसा गया था जिसे लोगों ने हाथों हाथ लिया था यह सीरियल काफी फेमस हुआ था क्योंकि इसमें आम व्यक्ति की व्यथा दिखाई गई थी कि किस प्रकार वह लोगों का भला करने के लिए एवं अपनी समस्याओं को सॉल्व करने के लिए किस प्रकार चकरघिन्नी बन जाता है और सभी ओर से शोषण का शिकार होता है वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर मुसद्दी लाल के प्रोग्राम वायरल हो रहे हैं जिसे लोग मनोरंजन एवं सामाजिक ताने-बाने को लेकर आश्चर्यचकित होकर देख रहे हैं कि इतने बरसों बाद भी अभी भी समस्या जस की तस बनी हुई है इस प्रोग्राम में जितनी भी समस्याएं बताई गई हैं वह अभी पहले की ही भांति निरंतर चलती चली आ रही हैं समाज में फैले इस प्रकार के कुरूप चेहरे को वर्तमान की मीडिया दिखाने में पूरी तरीके से बचती है जो की समझ से परे है वर्तमान समय में जरूरत है मुसद्दीलाल जैसे सीरियलों की जो कि समाज में फैली भ्रष्टाचार एवं आम जनमानस के शोषण के साम्राज्य को आम जनमानस के सामने लाकर इसे खत्म कराने के लिए समाज में संदेश दें वह चाहे स्वास्थ्य विभाग में हो शिक्षा विभाग में हो या अन्य किसी भी विभाग में हो चारों ओर से जहां आम व्यक्ति का शोषण होता है है इसे खत्म करने के लिए बड़े स्तर से प्रयास किए जाने की जरूरत है

शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ शरीर के लिए केमिकल युक्त पेय पदार्थों से बचें

 


🍹बसंत ऋतु  के साथ ही देश में गर्मी का मौसम आ जाता है गर्मियों के मौसम में सभी बच्चों का आकर्षण का केंद्र होता है बर्फ का गोला और उस पर चढ़ा लाल हरा नारंगी पीला केमिकल रंग युक्त चीनी सेक्रीन की बनी चासनी और ढेर सारी कंपनियों के पेय पदार्थ जो पूरी तरीके से केमिकल से बनाए जाते हैं लेकिन टेलीविजन एवं विभिन्न संचार माध्यमों से होने वाले प्रचार-प्रसार के बाद बच्चे हों या बड़े महिला हो या पुरुष सभी को ऐसा लगता है कि इन पर पदार्थों के पीने से उनके शरीर को एक्स्ट्रा एनर्जी और ठंडक महसूस होगी लेकिन मैं आपको बता दूं कि यह पूरी तरीके से विदेशी कंपनियों के प्रोपेगेंडा के अनुसार केमिकल युक्त फॉर्मूला पर आधारित पहले पदार्थ होते हैं जो कि शरीर के लिए काफी हानिकारक माने जाते हैं बर्फ छूने एवं महसूस करने पर ठंडी जरूर होती है लेकिन उस की तासीर गर्म होती है जो कि शरीर के अंदर नमी को सोख शरीर में गर्मी बढ़ाकर दोहरा नुकसान पहुंचाती है यदि बच्चे बाजारों के पेय पदार्थों के लिए ज्यादा ही जिद करें तो उनके लिए घर पर भी आइसक्रीम एवं लस्सी नींबू की शिकंजी  जैसे पेय पदार्थ बनाए जा सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ कम बजट में आपको बेहतर विकल्प दे सकते हैं गर्मी भरे मौसम और बच्चों को हमेशा के लिए आदत डालें कि जितना हो सके केमिकल युक्त इन पदार्थों से दूर रहे हैं जो उनके जीवन के लिए काफी हितकर होगा विभिन्न प्रकार के मेडिकल रिसर्च के अनुसार इन पेय पदार्थों से मानव शरीर को काफी नुकसान पहुंचता है जिस कारण अनेक देशों में इन पेय पदार्थों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है🎯👬👭👫🏌️🤾,🍺🍵🍸🍨🍧

शुक्रवार, 26 फ़रवरी 2021

जीवन में संघर्ष व्यक्ति को खरा सोना बना देता है



 🏋️जीवन भी इन रेल की पटरीयों की भांति  उलझा हुआ दिखाई देता है लेकिन प्रत्येक व्यक्ति के सामने एक ही चुनौती होती है इन उलझनो को सुलझा कर अपने जीवन को निरंतर आगे बढ़ाना बचपन में संसाधनों की कमी के बावजूद संघर्ष करने के बाद  बेरोजगारी और उसके बाद समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष और एवं परिवार की जिम्मेवारी  कहीं ना कहीं  लोगों को हताश कर देती है लेकिन आप अकेले नहीं है इस दुनिया में जो जीवन में संघर्ष कर रहे हैं आपके पहले इस दुनिया में हर आने वाले व्यक्ति को जीवन मैं कुछ पाने एवं पहचान बनाने लोगों को जगाने के लिए संघर्ष करना पड़ता हैं बात करते हैं कुछ महापुरुषों की  जिनके जीवन संघर्ष को देखकर हर व्यक्ति को  अपना संघर्ष काफी तुच्छ दिखाई देने लगता है भगवान श्री राम के अयोध्या के राजकुमार होने के बाद भी  विधाता के बनाए कालचक्र  के कारण जंगल जंगल अनेक कठिनाइयों से जूझते हुए अपने परिवार एवं न्याय अन्याय ब स्वाभिमान की रक्षा के लिए रावण जैसी महाशक्तिशाली असुर से भी संघर्ष करना पड़ा वही बात करते हैं श्री कृष्ण जी की जिन्होंने अपने जीवन की शुरुआत ही जीवन संघर्ष से की इनका जन्म काल कोठरी के अंदर  हुआ था जन्म लेने के बाद से इनके जीवन संघर्ष की  कठिनाइयां सहनी पड़ी  रिश्ते नाते परिवार सत्य असत्य की लड़ाई के लिए  इनका पूरा जीवन संघर्ष मय रहा है विश्व में अनेक उदाहरण हैं ईसा मसीह से लेकर मोहम्मद साहब  गौतम बुद्ध से लेकर महावीर स्वामी नानक से लेकर दलाई लामा तक हमेशा से ही संघर्षशील व्यक्तित्व के लोगों का जीवन आसान नहीं रहा है इसीलिए बात इतनी सी है कि अपने जीवन में आने वाले संघर्ष को हमेशा खुश होकर सहना सीखिए मानव जीवन ही संघर्ष एवं कठिनाई का नाम है इस जीवन मैं कठिनाइयों से जूझ कर ही व्यक्ति खरा सोना बनता है🎯

शनिवार, 10 अक्टूबर 2020

बाबा का ढाबा

 दिल्ली में बाबा के ढाबा के नाम से कुछ दिनों से सोशल वायरल पर फेमस हुए वीडियो ने लोगों को मजबूर कर दिया उन बूढ़े बुजुर्ग की खुशियां वापस करने के लिए जो कि उम्र के अंतिम पड़ाव में भी अपनी मेहनत एवं स्वाभिमान से जीवन को बड़ी सादगी से जी रहे थे लेकिन पूरे विश्व भर में फैली क्रोना वायरस महामारी ने जहां अच्छे-अच्छे उद्योगपति से लेकर आम नागरिक के उद्योग धंधों को पूरी तरीके से चौपट कर दिया वही बाबा के ढाबा जैसे अनेक लोगों की रोजी-रोटी छीनने का कार्य हुआ है देश के लिए वर्तमान समय बड़ा ही विपरीत परिस्थितियों वाला है ऐसे समय में बाबा का ढाबा जैसे गरीब लोगों की मदद करना सुकून देने वाला कार्य है जिस प्रकार से इस दंपत्ति को मदद करने के लिए हजारों की संख्या में लोगों के हाथ बड़े हैं उससे अंदाजा लगा सकता है कि अब भी लोगों में मानवता कायम है लेकिन वहीं दूसरी ओर बाबा के ढाबा जैसे हजारों लोग अब भी सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए तैयार खड़े हैं लेकिन इतना भी आसान नहीं है हर किसी को बाबा का ढाबा जैसी दंपत्ति की लोकप्रियता पा सके लेकिन सरकार को भी चाहिए इस प्रकार के लोगों को चिन्हित करके इनके स्वाभिमानी जीवन को जीने के लिए भरपूर सहयोग एवं मदद करें जिससे देश में लोगों मैं संघर्ष में जूझने एवं लड़कर कामयाबी पाने का जज्बा कायम रहे  एवं हताशा का माहौल ना बने आप सभी लोगों से निवेदन है कि अपने क्षेत्र में इस प्रकार के छोटे-छोटे कार्य करके अपना जीवन यापन करने वाले लोगों से खरीददारी अवश्य करें क्योंकि संपूर्ण लॉकडाउन में इसी प्रकार के लोगों के माध्यम से इस देश में अराजकता नहीं खेल पाई इस प्रकार के ढाबा गली गली टुकड़ों पर होने के कारण लोगों को विदेशी संस्कृति वॉलीबॉल पद्धति के कारण होने वाले दुष्परिणाम ज्यादा नहीं भोगने पड़े एक और विश्व की आर्थिक महाशक्ति अमेरिका जर्मनी कनाडा ब्रिटेन जैसे देश मॉल पद्धति के कारण अपने लोगों को राशन सामग्री से लेकर भोजन भी उपलब्ध नहीं करा पाए थे लानत है ऐसे अर्थव्यवस्था पर जहां लोगों में इस प्रकार का नेटवर्क ना हो जिससे वह किसी भी आपातकालीन स्थिति में अपना कम से कम पर तो भर सकें लेकिन भारतीय संस्कृति एवं संयुक्त परिवार एवं छोटे मजले एवं कुटीर उद्योग जो की गली मोहल्लों में छोटी-छोटी दुकानों से लेकर ठेले खोमचे तक हर किसी को अपने बजट के हिसाब से भोजन उपलब्ध कराकर उन्हें इस महंगाई एवं भागदौड़ भरी जिंदगी में राहत पहुंचाने का कार्य करते हैं इसीलिए इस संस्कृति को बचाने की बड़ी आवश्यकता है छोटे मझोले कुटीर उद्योग करने वालों को हमेशा सपोर्ट करें एवं उन से सामान खरीद कर समाज में इस जाल को बनाए रखें जिस से आने वाली किसी भी प्राकृतिक समस्याओं से आसानी से निपटा जा सके एवं देश  प्रगति के मार्ग पर निरंतर चल सके

गुरुवार, 9 जुलाई 2020

महाकाल की नगरी में पकड़ा गया विकास कानूनी पचड़े में तारीख पे तारीख लेगा या गिरेगी पुलिस एनकाउंटर में लाश

#विकास_दुबे।                                                                   पूरे देश में चौबेपुर कांड के कारण चर्चा में आया कुख्यात बदमाश विकास दुबे आखिरकार महाकाल की नगरी उज्जैन में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पकड़ा गया जिस तरीके से मध्य प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे को पकड़ा है उससे इतना तो तय है कि इसने यहां पर अपने आप को समर्पण करके अपने अन्य साथियों की तरह होने वाले पुलिस  इनकाउंटर से पूरी तरह से अपने आप को सुरक्षित करने की कोशिश की गई है कानपुर से लखनऊ फरीदाबाद सहारनपुर जैसी लोकेशन अपडेट करते हुए कैसे कुख्यात बदमाश महाकाल की नगरी में पहुंच कर अपने आप को पुलिस के हवाले करता है यह पूरी कहानी फिल्मी लगती है इस तरह से एक शहर से दूसरे शहर लगभग एक सैकड़ा पुलिस टीमों की आंख में धूल झोंक कर यह 5 लाख का इनामी बदमाश हजारों किलोमीटर की यात्रा करके देश के विभिन्न हिस्सों में घूमता रहा लेकिन देश के मजबूत खुफिया नेटवर्क की पकड़ में ना आ सका इसका मुख्य कारण कहीं ना कहीं बड़े लोगों का हाथ इस पर अब भी बना हुआ है हर न्यूज़ चैनल पत्र-पत्रिकाओं राजनैतिक गलियों में चौबेपुर हत्याकांड की चर्चाएं पिछले कई दिनों से चल रही थीक्या विकास दुबे का एनकाउंटर होगा या उसे अभयदान मिलेगा महाकाल की नगरी उज्जैन में उसकी गिरफ्तारी के बाद कयास लगाए जा रहे शायद कानूनी दांवपेच से उसे बचा लिया जाए या फिर कुछ सफेदपोश लोगों के चेहरे उजागर ना हो इसलिए विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद उससे अनेकों राज खुलवाए जा सकते हैं लेकिन जिस प्रकार देश भर में उत्तर प्रदेश सरकार की किरकिरी का कारण बना यह बदमाश पुलिस महकमे के साथ उत्तर प्रदेश शासन के लिए आंख की किरकिरी बना हुआ है आने वाले कुछ घंटे अति महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन की कस्टडी में होने के कारण उत्तर प्रदेश की पुलिस इसे कस्टडी में लेकर इस पर क्या एक्शन लेती है  उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन नहीं चाहता कि आने वाले समय में कोर्ट एवं कानून के दो पे फस कर इस कांड में यह अपराधी हीरो बनकर तारीख पर तारीख वाले सिस्टम को अपने हिसाब से तोड़ कर अपने आप को बचाने की कोशिश ना कर पाए एवं वर्तमान में देशभर के पुलिस प्रशासन के साथ आमजन की जन भावनाओं को देखकर इसका एनकाउंटर होना लगभग तय है 🎯आवाज✍️

सोमवार, 29 जून 2020

😎बहादुर एवं 🤓बेवकूफ लोगों में नाम मात्र का अंतर होता है

दुनिया🌎 में 😎बहादुर एवं 🤓बेवकूफ लोगों मैं अंतर नाम मात्र का होता है सफल हो गए तो बहादुर ज्ञानवान कहलाओगे एवं चूक हो गई तो पूरी दुनिया पर हंसेगी टिक टॉक के लिए बनाया गया यह वीडियो जिसमें गिरने वाले व्यक्ति की स्टंट करने की बहादुरी धरी की धरी रह गई मात्र कुछ इंच के फैसले से जीवन और मृत्यु का मिलन होते होते रह गया कृपया ऐसे बेवकूफी भरे कार्य ना करें जिससे आपकी जान को खतरा हो क्योंकि यह जीवन बड़ा अनमोल है 🙏🎯

गुरुवार, 4 जून 2020

😷बेजुबान 🐘जानवर को 💣सताने का परिणाम हमें जरूर भुगतना होगा यूं ही नहीं 🐲जूझ रहा 👨‍👨‍👧‍👦इंसान ☠️मौत के 👹तांडव से कुछ तो 🤒पाप किए होंगे

आत्मा🐘को झकझोर देने वाली🌻 दया एवं  संवेदनशीलता को आघात पहुंचाने बाली केरल की दुख भरी घटना  जिसमें बेजुबान प्रकृति के अग्रदूत कहलाने बाली देव तुल्य जानवर हथनी को विस्फोटक से भरा अनानास खिलाकर उसके पेट में पल रहे बच्चे के साथ उसकी जान लेने का जघन्य अपराधिक कृत्य ने मानवता को शर्मसार एवं कुदरत को रुला दिया है

आज पूरा देश सदमे में है विश्व भर में बेजुबान जानवरों के साथ हो रही हिंसक घटनाएं जिसमें बुहान शहर में जीव जंतुओं को बहुत बड़े स्तर से मार्कर उनका व्यापारिक लाभ हो या ऑस्ट्रेलिया में हजारों लाखों की संख्या में ऊंटों को पानी का दुश्मन घोषित करके मारना ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी भीषण आग से 50 करोड़ से अधिक जानवरों का जलकर मरना

एवं विश्व भर  में भोजन के लिए अनेक शाकाहारी विकल्प होने के बावजूद भोजन के लिए जानवरों की हत्या करके उन्हें खाने के इस्तेमाल में उपयोग करने की घटनाओं से कहीं ना कहीं ईश्वर की सौंदर्य पूर्ण मानवतावादी परिकल्पना को गहरा धक्का लगा है  ईश्वर की सौंदर्य पूर्ण मानवतावादी प्राकृतिक परिकल्पना को इंसान ने लालच एवं अहंकार के लिए आघात पहुंचा कर  कहीं ना कहीं अपने ऊपर ईश्वरीय प्रकोप की मुसीबत मोल ले ली है

जिसका दुष्परिणाम हम सभी को उठाना पड़ेगा वर्तमान में विभिन्न प्राकृतिक घटनाओं एवं विश्व भर में मची उथल-पुथल से हम सभी को महाकाल के प्रकृति संहारक विनाशक विकराल क्रोधित तांडव की शुरुआत के रूप में स्पष्ट दिखाई दे रही है

मंगलवार, 2 जून 2020

डॉनल्ड ट्रंप विश्व का सबसे शक्तिशाली व्यक्ति या सबसे बड़ा कार्टून इसके अजीबोगरीब कारनामों से अमेरिका की प्रगति हो गई शून्य

🗽इतिहास🗣️ अपने आप को 🎭दोहराता जरूर है 🌎पूरे विश्व में 😷कोरोना🐉वायरस 👹महामारी के बीच 🇱🇷संयुक्त राज्य अमेरिका में 🌚अश्वेत अमेरिकी नागरिक  रेस्टोरेंट गार्ड के साथ अमेरिकी पुलिस द्वारा की गई सख्ती से उसकी मौत से उपजे वहां के लोगों में असंतोष ने अमेरिकी जनमानस में डॉनल्ड ट्रंप की मीडिया एवं पैसे के दम पर बनाई गई छवि तार तार होते दिखाई दे रही है पूरे विश्व में अपने अजीबोगरीब निर्णय एवं वक्तव्य के कारण हंसी का पात्र बने डॉनल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर पूरे विश्व के राजनेताओं से लेकर आम नागरिक आलोचना करते आए हैं
उद्योगपति से राजनेता बने डॉनल्ड ट्रंप पूरी तरह से फिल्मी कार्टून की तरह अपनी छवि आम लोगों में बनाए हुए उनकी नीतियों के कारण आज संयुक्त राज्य अमेरिका के स्थापना के बाद इस देश की बौद्धिक लोगों बुद्धिमता को हंसी का पात्र बना दिया है विश्व महाशक्ति कहलाने वाला देश संयुक्त राज्य अमेरिका अपने स्वर्णिम इतिहास में सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है जिसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की है विश्व की सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति जैसे गरिमामय कुछ पद पर डॉनल्ड ट्रंप जैसे अयोग्य व्यक्ति के बैठने के बाद लगातार उनके मूर्खतापूर्ण निर्णय से अमेरिकी  के साथ पूरे विश्व में उथल-पुथल मची हुई है यह पहली बार है पूरे विश्व का नेतृत्व करने वाला अमेरिका आज देश के भविष्य को लेकर अपनी स्पष्ट नीति नहीं बना पा रहा है बौद्धिक आर्थिक सामरिक दृष्टि से अमेरिका को समृद्ध बनाने के लिए यहां के श्वेत एवं अश्वेत दोनों लोगों का बराबरी से योगदान रहा है मौलिक अधिकार के लिए अमेरिका पूरे विश्व में जाना जाता है लेकिन वर्तमान में जिस प्रकार से बेरोजगारी की दर अपने चरम पर है लोगों को खाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है वही लगातार गलत नीतियों के कारण अमेरिका जैसे देश को विभिन्न देशों से मतभेद एवं प्रतिस्पर्धा के लिए खड़ा होना पढ़ रहा है जिस प्रकार से वर्तमान में अमेरिकी लोग सड़कों पर उतर कर सबसे मजबूत सुरक्षा तंत्र को धता बताते हुए आगजनी तोड़फोड़ की घटनाओं से पूरे विश्व भर के राजनेताओं मीडिया उद्योगपतियों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है आने वाले समय में विश्व के अनेक देशों में इस प्रकार के हालात होने की आशंका से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता आज पूरा विश्व दो भागों में बटा हुआ है अमीरों का विश्व गरीबों का विश्व इस लड़ाई में कहीं ना कहीं मानवता पिसती जा रही है कोई व्यक्ति अधिक समय तक पैसे  सैन्य बल मीडिया जैसे पावर को इस्तेमाल करके सर्वोच्च पर नहीं रह सकता क्योंकि मजबूर इंसान को एक हद तक डराया धमकाया एवं दबाया जा सकता है लेकिन इतना भी नहीं डराओ के लोग डरना भूल जाएं जब लोग डरना भूल जाते हैं तो वह चलता फिरता मानव बम बन जाता है वर्तमान में विश्व के सभी देशों के राजनेताओं शासन प्रशासन को चाहिए विश्व में फैल रही अशांति रोकने के लिए  अपने-अपने अहम अहंकार एवं महत्वाकांक्षा को छोड़कर अमीरी और गरीबी के के बीच बढ़ रहे फासले में संतुलन बनाकर चलने के साथ अपनी जवाबदेही भी बनाए🎯😷

शनिवार, 30 मई 2020

हिंदी पत्रकारिता संविधान का चौथा स्तंभ या सत्ता पक्ष विपक्ष एवं चंद उद्योगपतियों की व्यवसायिक दुकान

🎭आज 🖋️पत्रकारिता दिवस है लेकिन वर्तमान में देश में अधिकतर पत्रकार  सत्तापक्ष एवं विपक्ष की गोद मैं बैठकर कहीं ना कहीं इस पवित्र पेशे को बदनाम कर  रहे हैं कभी पत्रकार फटे हाल हुआ करते थे आज बड़े-बड़े ऑफिस लंबी चौड़ी गाड़ियां थानों की दलाली विभागों में कमीशन यह सब पत्रकारों के मुख्य कार्य बन चुके हैं पूर्व में पत्रकारिता का मुख्य कार्य उन बेजुबान लोगों की आवाज बन कर शासन-प्रशासन सत्ता में बैठे हुए अंधे बहरे हो चुके सिस्टम को झकझोर कर उसे याद दिलाना कि संविधान का चौथा स्तंभ मीडिया अभी जिंदा है लेकिन समय का ऐसा चक्र घुमा चंद उद्योगपतियों की घर के चौखट को चूमना ही पत्रकारिता बनता जा रहा है पत्रकार भी क्या करें कहीं ना कहीं व्यवसाय लोग इस पवित्र पेशे में कूद गए जो शाम दंड भेद सभी अपनाकर वही शब्द लेखनी एवं मुंह में डालते हैं जिससे उन्हें एवं उनके आकाओं को फायदा हो साथियों पानी के बहाव में तो लाशें  बहा करती हैं असली बहादुर वह है जब विपरीत दिशा में चल कर लोगों की दबी आवाज को आंधी बनाकर संविधान के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाएं

शुक्रवार, 29 मई 2020

सहारा 🇮🇳इंडिया परिवार यदि भारत है तुम्हारा तो ₹ पैसा दे दो अब 😷हमारा 👳मेरा मुझ को अर्पण क्या 🙏लागे तेरा 👩‍🎓वित्त मंत्री एवं सेवी से 👩‍👩‍👧‍👧अनुरोध है 🙏मेरा ना रखो दिया तले अंधेरा🌚

🎭 विश्व भर में फैली🐉कोरोना वायरस महामारी के कारण 60 दिन से अधिक समय तक देश बंद होने से उपजे आर्थिक सुनामी ने पूरी तरह भारतीय परिवारों की आर्थिक स्थिति को तोड़ कर  रख दिया है पूरे देश में लोगों के पलायन एवं रोजगार खत्म होने के कारण आने वाले समय में लोगों को एक एक रुपए के लिए पूरी तरह से सरकार एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं साहूकारों के सामने हाथ फैलाने की नौबत आ गई है यह वही देश के नागरिक हैं जिन्होंने अपने खून पसीने और मेहनत से देश की प्रगति में अमूल्य योगदान किया है देश का किसान आज पूरे देश का पेट भरने की दम रखता था लेकिन वर्तमान में बढ़ रहा विदेशी टिडियो दल के समूहों का खतरा उन किसानों के साथ पूरे देश की खाद्य समस्या के भविष्य को लेकर एक डरावनी तस्वीर खींच रहा है इन सभी प्राकृतिक घटनाओं से उपजी बेरोजगारी  कहीं ना कहीं देश का  गरीब मजदूर एवं मध्यवर्गीय परिवार के साथ उद्योग धंधे पूरी तरह से तबाह होते जा रहे है पक्ष विपक्ष तमाम घटनाक्रम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है विपक्ष सत्ता पक्ष पर लोगों के खातों में डायरेक्ट पैसे डालने की मांग कर रहा है वही सत्ता पक्ष विपक्ष द्वारा कार्यों में रोड़े अटकाने का आरोप लगा रहा है लेकिन गरीब को नहीं पता कौन सही कौन गलत है उसे तो इतना पता कैसे ना कैसे उसे तुरंत राहत पहुंचाई जा सके तुरंत राहत पहुंचाने के लिए सरकार के पास अनेकों रास्ते हैं  वर्तमान में लगभग देश के 2 करोड़ से अधिक लोग देश में काम कर रहे सहारा इंडिया परिवार एवं पल्स ग्रीन जैसी तमाम कंपनियों में अपना निवेश करके अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं उनकी खून पसीने की कमाई का जिसका वह इस बुरे वक्त में इस्तेमाल कर सकते थे वह देश की न्याय व्यवस्था एवं सेबी के नियमों के पचड़े में फंस कर रह गई है देश के नागरिक इतने स्वाभिमानी हैं कि इस दुख भरी घड़ी में समस्याओं से त्रस्त होकर जिंदगी से मुक्ति पाने के लिए आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे  हैं सहारा इंडिया पल्स ग्रीन जैसी अनेकों कंपनियों के कारण देशभर में करोड़ों लोगों का खुद का पैसा अधर में लटका हुआ है एवं लाखों की संख्या में वह बेरोजगार युवा जो उज्जवल भविष्य के लिए इन कंपनियों के एजेंट बनकर छोटे छोटे लोगों से गलियों गलियों मैं घूम कर निवेश के पैसे इकट्ठे करके इन कंपनियों में लोगों को उज्जवल भविष्य की गारंटी देकर निवेश कराता था उसकी हालत बड़ी दयनीय है सहारा इंडिया परिवार एवं पल्स ग्रीन जैसे बहु क्षेत्रों में कार्य करने वाली कंपनियों द्वारा देश के  बड़े बड़े फिल्मी राजनेता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पत्रकार उद्योग समूह के चेहरों एवं विश्वसनीय लोगों की प्रचारक टीम लगाकर देश के लोगों की  देश प्रेम, देश सेवा, देश प्रगति के नाम पर भावनाओं को भड़का कर सब्जबाग दिखाते हुए उनके साथ एक प्रकार से गंभीर ठगी की है लोगों को विश्वास दिलाने के लिए कि आपका निवेश सुरक्षित है सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं के प्रमाण पत्र देश के प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनलों से लेकर पत्रिकाओं में आए दिन प्रचारित किए जाते थे एवं  देशके ऐसे लोग जो कि पूरे देश भर में प्रतिष्ठा का केंद्र माने जाते हैं वह लगभग सभी चैनलों पर देश के लोगों को भारत है हमारा हम हैं सहारा जैसे नारे दिया करते थे आज उन सभी नारा लगाने वाले लोगों के समूह  कहां है जब देश का हर व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हैं आज सभी लोग जिनकी जमा पूंजी इन कंपनियों में लगी हुई है वह है एक एक रुपए के लिए मोहताज है देश के किसान मजदूर मध्यवर्गीय परिवार बेटी की शादी के लिए संचय करने वाली मां छोटे कामगार छोटे छोटे व्यापारी सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन  के कर्मचारी एवं की  बेरोजगार युवा  रोजगार की आस लगाने वाले एजेंट जिन्होंने जिंदगी भर की जमा पूंजी इन कंपनियों में लगा कर अपने अपने परिवार के लिए खुद ही फांसी का फंदा तैयार कर लिया हैं सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति उस बेरोजगार युवा की है जो इन कंपनियों के एजेंट बनकर आस पास पड़ोस रिश्तेदार आमलोगों को इन कंपनियों की योजना एवं पॉलिसिया बताकर निवेश कराते  थे लोगों के तानों एवं दबाव के कारण कई एजेंट आत्महत्या कर चुके हैं कई मानसिक तनाव से जीवन जी रहे हैं वर्तमान में यह सभी लोग देश की प्रमुख संस्था सेबी सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री वित्त मंत्री विपक्ष के नेता एवं तमाम सामाजिक संगठनों से अनुरोध कर रहे हैं कि इनका स्वाभिमान कायम रखने के लिए एवं शीघ्र राहत पहुंचाने के उद्देश्य से इनकी खुद की जमा पूंजी जो विभिन्न कंपनियों में फंसी हुई है उसे  अति शीघ्र ही इन्हें वापिस दिलायी जाएआर्थिक समस्या  झेल रहे करोड़ों लोगों की शीघ्र निदान दिलाने के लिए हमारे देश के माननीय सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति प्रधानमंत्री वित्त मंत्री कृषि मंत्री आरबीआई गवर्नर सेबी अध्यक्ष योजना आयोग अध्यक्ष सहारा श्री प्रमुख जी को संज्ञान लेना चाहिए कि जो भी अनियमिताये आर्थिक कमियां इन कंपनियों एवं उद्योगपतियों की है उसे शीघ्र ही वीटो पावर एवं 20 लाख करोड़ राहत पैकेज का इस्तेमाल करके हटाया जाए और इन सभी लोगों को इनके अकाउंट में इनका पूरा पैसा वापस दिलाया जाए जो वर्तमान में कई हजार करोड़ रुपए बनता है यह देश के करोड़ों लोगों के  लिए बहुत बड़ी राहत होगी  देश हित में छोटा सा प्रयास कृपया सभी लोगों से निवेदन है कि इस मुहिम को आगे बढ़ाएं

बुधवार, 13 मई 2020

आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश को मिला आर्थिक महा केज विश्व आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत

🎭 क्या 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज से आत्मनिर्भर बन पाएगा भारत आज हमारे देश के  🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश को संबोधित करते हुए आर्थिक महा पैकेज की घोषणा की गई है जिसमें 20 लाख करोड रुपए के आर्थिक पैकेज जो भारत को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक महाशक्ति बनाने के तौर पर दिया जा रहा है जिसकी  जानकारी  कुछ दिनों में विस्तारपूर्वक दी जाएगी  लॉक डाउन 3 के बाद भी देश के विभिन्न क्षेत्रों में लॉक डाउन जारी रहेगा कुछ विशेष शर्तों के साथ कुछ क्षेत्र एवं इकाइयां खुल सकती है एवं लोगों को रोना महामारी के कारण सोशल डिस्टेंस मास्क हैंड वॉश जैसे अनेक कार्यों को अपने जीवन में लंबे समय तक के लिए सम्मिलित करने की आदत डालनी होगी आर्थिक पैकेज की घोषणा भारत द्वारा अन्य देशों की तुलना में कुछ समय लगाने के बाद की गई है इसके पहले विश्व के अनेक देशों ने अपने अपने देश के औद्योगिक क्षेत्रों को आर्थिक मंदी से बचाने के लिए इस प्रकार के राहत पैकेज की घोषणा कर चुके हैं पूरे विश्व में सबसे अधिक जापान द्वारा लगभग सकल घरेलू उत्पाद का 21.1 प्रतिशत आर्थिक पैकेज के रूप में अपने देशवासियों के लिए दिया है आपको अवगत करा दें कि भारत की 65% से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है इस कारण अन्य देशों की तुलना में भारत कुछ हद तक बेरोजगार हो रहे लोगों को मनरेगा जैसी योजनाओं से राहत पहुंचा सकता है एवं भविष्य में कृषि पर आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने एवं चीन से अपना व्यापार समेटकर भारत  आने वाली कंपनियों  के लिए इस प्रकार के औद्योगिक आर्थिक पैकेज का इस्तेमाल किया जा सकता है बुंदेलखंड बिहार उत्तर प्रदेश झारखंड मध्य प्रदेश राजस्थान विदर्भ छत्तीसगढ़ पश्चिम बंगाल जैसे पिछड़े क्षेत्रों को कहीं ना कहीं इस आर्थिक पैकेज से बहुत आशाएं हैं जिस प्रकार पूरे देश भर से मजदूरों को पलायन करना पड़ रहा है उससे देश में यह मांग उठ रही  है कि देश के अति पिछड़े एवं बेरोजगार जनसंख्या वाले क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने एवं इन क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने को लेकर इन्हें क्षेत्रों में औद्योगिक स्थापित कराई जाए  जिससे भविष्य में इन क्षेत्रों के लोगों को किसी प्रकार के पलायन के लिए मजबूर ना होना पड़े यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भरता योजना के अंतर्गत दिया जा रहा है जिसमें पूर्व में दिए गए एक लाख 70 हजार करोड़ का पैकेज भी शामिल हैं देश के प्रधानमंत्री द्वारा कोरोनावायरस भीषण काल को भारतीयों के लिए 21वीं सदी में आर्थिक निर्भरता एवं विश्व आर्थिक महाशक्ति के लिए बड़ा अवसर जैसा बताया है इस आर्थिक पैकेज का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न देशों से आ रहे आर्थिक निवेश को भारत में अधिक से अधिक कराने के लिए एवं भारत के उद्योगों में नई जान फूंकने के लिए अधिक माना जा रहा है इस आर्थिक महा पैकेज में किन उद्योगों को कितने प्रतिशत बजट किस शर्त एवं नियम के अनुसार आवंटन किए जाएंगे यह तो आने वाले समय में पूरी जानकारी उपलब्ध होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है लेकिन इतना जरूर है कि अन्य देशों द्वारा अपने देश के लिए आर्थिक पैकेज  की घोषणा करने के बाद भारत पर भी अपने देश में आर्थिक पैकेज देने के लिए विपक्ष सरकार को लगातार निशाना बना रहा था देश की दिन-प्रतिदिन गिरती हुई आर्थिक स्थिति एवं बेरोजगारी के कारण एकमात्र विकल्प आर्थिक  पैकेज  की घोषणा सरकार के पास रह गया था  यह आर्थिक पैकेज भारत की जीडीपी का लगभग 10% है इस पैकेज की घोषणा के पूर्व देश के विभिन्न राज्यों द्वारा श्रम कानून एवं विदेशी निवेश के लिए अनेकों आर्थिक नियमों बदलाव एवं श्रम संबंधित कानूनों मैं बदलाव किया है जिनसे कहीं ना कहीं देश के मजदूरों के अधिकारों के हनन की संभावना बन रही है चीन द्वारा अपने देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए श्रम कानून को पूरी तरह से खत्म कर दिया था इसके कारण पूरे विश्व में चीन आर्थिक महाशक्ति जरूर बन गया लेकिन आज भी वहां श्रमिक बंधुआ मजदूरों की तरह कार्य करते हैं देश को प्रगति के मार्ग पर फिर से लाने के लिए कुछ वर्षों के लिए श्रम कानून में बदलाव को श्रमिक सहर्ष स्वीकार कर सकते हैं परंतु श्ररम कानू मजदूरों के शोषण का जरिया ना बनाया  जाय🙏🙏🙏🙏🙏✍️😷😷😷😷😷😷