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बरुआसागर का ऐतिहासिक झरना तालाब हुआ ओवरफ्लो कल कल करते हुए बहने लगा झरना

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बुंदेलखंड के झांसी जिले से 20 किलोमीटर दूर बरुआसागर में स्थित चंदेल कालीन ऐतिहासिक स्वर्ग आश्रम झरना तालाब जो कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता एवं धार्मिक आस्था के लिए पूरे बुंदेलखंड में बुंदेलखंड के शिमला के रूप में पहचान रखता है जहां के दिव्य संत स्वामी शरणानंद जी एक उच्च कोटि के संत थे बरुआ सागर तालाब से झरने वाला झरना बहुत ही प्रसिद्ध है यहां पर दूर-दूर से देशी एवं विदेशी पर्यटक बरसात के मौसम में झरना देखने के लिए आते हैं कुछ वर्षों से तालाब पूर्ण रूप से ना भर पाने के कारण स्वर्ग आश्रम झरना के प्राकृतिक सौंदर्य एवं झरने वाले कल कल करते झरने पर अठखेलियां करने का लोगों को आनंद नहीं मिल पा रहा था लेकिन कुछ वर्ष पूर्व हुई  अत्यधिक बारिश से जहां पिछले वर्षों में लाखों की संख्या में सैलानी बरुआसागर झरने पर आए लेकिन इस बार तालाब के समय से ना भर पाने के कारण अभी तक पर्यटक तालाब के ओवरफ्लो होने के इंतजार में थे लेकिन लोगों की इंतजार की घड़ियां गणेश महोत्सव की शुरुआत होते ही खत्म हो चुकी हैं बरुआसागर का इतिहासिक झरना तालाब पूरी तरह से भर चुका है अब यह ओवरफ्लो होकर पूर्ण रूप से झरना चाल...

विश्व रक्तदान दिवस पर 100 बी बार किया रक्तदान देश के हर युवा के लिए विशेष प्रेरणा स्त्रोत निशांत साहू (गगन)

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अपने लिए जिया तो क्या जिया  कभी दूसरों के लिए भी जी कर देखो  कोरोनावायरस महामारी काल में जब लोगों के अपनों ने साथ छोड़ दिया तो तब समाज के ऐसे महान लोग सामने आए जिन्होंने अपनी जान की परवाह ना करते हुए भी लोगो की जान बचाने के लिए बिना किसी स्वार्थ के तन मन धन से मदद की उन्हीं में से एक युवा जो बिना किसी पुरस्कार एवं प्रशंसा की लोगों की मदद करता रहा और  बरसों से कर भी रहा है युवा ब्लड डोनर एवं समाजसेवी निशांत साहू गगन प्रत्येक  14 जून को विश्व में  रक्तदान दिवस मनाया जाता है जिसमें लोगों को अधिक से अधिक रक्तदान करने के लिए जागृत किया जाता है सच में जरूरतमंदों को रक्तदान  सबसे बढ़ा महादान होता है यह दान  धर्म जाति मजहब  से परे  सिर्फ इंसानियत को देखता है   रक्त की अहमियत  वह व्यक्ति जानता है  जिसका कोई अपना परिवार का सदस्य रक्त के बिना जिंदगी और मौत से जूझ रहा होता है  हमारे देश में लाखों लोग  रक्त की कमी की वजह से समय से पहले मृत्यु को गले लगा लेते हैं आज हमारा देश इतना आधुनिक होने के बाद भी लोगों को रक्तदान के प्र...

विश्व साइकिल दिवस पर वो साइकिल और बचपन की यादें जो शायद कभी लौट कर ना आए

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 #विश्व_साइकिल_दिवस  हर किसी के बचपन का जुड़ाव साइकिल से किसी ना किसी रूप में जरूर रहा होगा बचपन के उन दिनों की याद जरूर आ जाती है जब साइकिल एक रुपए पर घंटे किराए पर मिला करती थी चला पाए या ना चला पाए वह अलग बात थी क्योंकि आसपास ऐसे दोस्त भी हुआ करते थे कि जो सिखाने के बहाने खुद मजे लूटते थे 1 घंटे के लिए मिलने वाली साइकिल में ज्यादातर समय चैन चढ़ाने और हवा भरने में ही निकल जाता था  यदि सब कुछ ठीक रहा तो किराए की साइकिल की खराब घंटी एवं कमजोर ब्रेक की समस्या हमेशा बनी रहती थी जिसके कारण किसी से टकराया ना उसका उत्तरदायित्व पीछे से गाइड कर रहे दोस्त और अपने पैरों का ज्यादा रहता था कैंची डंडा  सीट वाली साइकिल सीखने की प्रक्रिया में चलाते समय सबसे ज्यादा ध्यान फ्रेंड लोगों की तरफ रहता था और सिखाने वाले हमेशा कहते थे सामने देखो यदि साइकिल की स्पीड अधिक हो गई और पीछे से गाइड करने वाले दोस्त पीछे छूट गए तो लोगों को हटाने एवं साइकिल को कंट्रोल करने का एक ही सहारा होता था  साइकिल को रोकने की नाकाम कोशिश करते हुए बार बार चिल्लाना भाई साहब हट जाओ भाई साहब हट जाओ साइकिल में...

कोरोनावायरस महामारी की लड़ाई में सबसे कमजोर कड़ी बुजुर्ग इंसान

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🌍वैश्विक 😷कोरोना🐉वायरस ☠️महामारी काल की सबसे 🎭कमजोर कड़ी उम्र दराज 👴बुजुर्ग लोग हैं विश्व भर में जितने भी आंकड़े आए हैं उस पर सबसे ज्यादा मृत्यु दर एवं समस्या बुजुर्ग लोगों की हो रही है क्योंकि  उम्र के अंतिम पड़ाव में विभिन्न बीमारियों से घिरे बुजुर्ग दादी दादा मां बाप अन्य लोग जो कि लगभग साथ 65 साल से ऊपर के हैं उन्हें इस समय बेहद की देखभाल की जरूरत है कोरोनावायरस की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद भी मैं उसकी जानकारी ना दे क्योंकि डर भरे माहौल में एक नेगेटिव सूचना उनके जीवन की डोर को तोड़ सकती है  इसलिए जितना हो सके इस समय उनके साथ रहकर उनकी उचित देखभाल कर कर उन्हें पॉजिटिव सोचने एवं पॉजिटिव रहने के लिए माहौल देने की विशेष जरूरत है मीडिया के माध्यम से बेहद थी दर्द भरी दुखी करने वाली  घटनाएं सामने आ रही है जिसमें सभ्य समाज के पढ़े-लिखे लोग जिनके लिए उनके मां बाप ने बेहतर भविष्य के लिए अपने सपनों को कुर्बान कर दिया और जीवन के अंतिम पड़ाव में उनसे अपने अच्छे जीवन के पल की आशा करके उनको सब कुछ दे दिया लेकिन वह अपने बुजुर्ग परिवार के सदस्यों को अपने हाल पर छोड़ कर अपने अपने...

भारत में कोरोना वायरस महामारी को चरम पर पहुंचने में आखिर गलती किसकी है

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  कहते हैं कि #बेवकूफ और #बहादुर  में नाम मात्र का फर्क होता है कामयाब हुए तो बहादुर वरना बेवकूफी कहा जाएगा वर्तमान समय में जिस हालात से हमारा देश गुजर रहा है उसमें सबसे बड़ी जिम्मेवार हमारे देश की सरकार की विदेश नीति एवं आम लोगों की लापरवाही नीतिया हैं क्योंकि लगभग एक साल पहले हम लोग पूरे विश्व मैं #कोरोनावायरस महामारी के विकराल रूप को देखकर बड़े-बड़े देशों को बेवकूफ समझ रहे थे अपने आप को हार्ड ह्यूमैनिटी पावर का स्वयंभू स्वामी समझ रहे थे विश्व बैंक एवं विश्व हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के साथ बड़े-बड़े देशों ने भारत के लिए अनेक घोषणा पहले से कर दी थी कि कोरोनावायरस महामारी सबसे ज्यादा तबाही भारत जैसे विकासशील देश में मचाएगी जिसमें लगभग 20 लाख लोगों के संक्रमण से मौतों  की संभावना व्यक्त की थी जिसके बचाव एवं आपातकालीन व्यवस्था की तैयारी के लिए उन्होंने भारत को लाखों करोड़ों डॉलर का कर्ज एवं सहायता दी जो प्लान और टारगेट के हिसाब से 2024 तक पूरे भारत में जन जागरूकता अभियान सुरक्षा समय-समय पर लॉकडाउन वैक्सीनेशन प्रोग्राम बड़े-बड़े हॉस्पिटल एवं चिकित्सक सामग्री तैयार करने के लिए थे ल...

कोरोनावायरस में महामारी काल में डर भरे माहौल में अभिताभ बच्चन की आवाज में प्रेरणा देने वाली कविता

बुरा वक्त ही तो है गुजर जाएगा फिर से अच्छा बक्त आएगा

देश के उद्योगपतियों को आगे आकर कोरोना वायरस महामारी में उपयोग होने वाली दवाएं इंजेक्शन वेंटिलेटर निशुल्क उपलब्ध कराकर लोगों को इस महामारी से उभरने में सहयोग करने की जरूरत

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  🐉कोरोनावायरस ☠️महामारी के संक्रमण से भयानक होते माहौल में सबसे ज्यादा कमी महसूस की जा रही है तो वह है यह  रेमडेसिवरी इंजेक्शन वेंटिलेटर एवं ऑक्सीजन की जिसके डोज से काफी हद तक कोरोना वायरस के विभिन्न स्टेज के मरीज को राहत प्रदान की जाती है वर्तमान समय में पूरे देश भर में  यह  रेमडेसिवरी इंजेक्शन कालाबाजारी के कारण चर्चित है हॉल सेल बाजार में मात्र हजार रुपए का आने वाला इंजेक्शन 15000 से लेकर ₹30000 तक में बेचा जा रहा है फार्मा सेक्टर के बारे में पिछले वर्ष बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे कि पूरा विश्व भारत की तरफ देख रहा है और भारत के पास इतनी क्षमता है कि वह है विश्व भर के लोगों को राहत प्रदान कर सकता है लेकिन वर्तमान में एक प्रदेश दूसरे प्रदेश को भी यह इंजेक्शन सप्लाई करने दे मैं हाथ खड़े कर रहे हैं जिस तरीके से हालात एकदम से बेकाबू हुए हैं उससे लोगों में दहशत का माहौल है क्योंकि देश की चिकित्सा व्यवस्था चरमराने की  कगार पर है अपने टेलीविजन पर पिछले वर्ष कई देशों के हालात देखकर लोग चर्चा करते थे अब वही हालात हमारे देश में भी बनती दिखाई दे रहे हैं ऐसे समय में लो...

प्रत्येक सर्दी जुखाम खांसी 🐉कोरोनावायरस संक्रमण नहीं होता

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  ☠️डर के आगे जीत है?                     वर्तमान समय में फैली महामारी से देशभर में हाहाकार मचा हुआ है महामारी जितनी बड़ी है उससे बड़ा प्रचार प्रसार और प्रोपेगेंडा जिसके तहत अनजाने में ही लोग मनोरोगी बन रहे हैं प्रत्येक वर्ष चैत माह मैं वायरल सर्दी जुखाम बुखार दस्त होना आम बात लेकिन हर तरफ कोरोना वायरस महामारी के डर से लोग अनजाने में अपने होने वाले आम सर्दी जुखाम फीवर को भी कोरोनावायरस का संक्रमण समझ रहे हैं और अंदर ही अंदर घुटन के कारण लो बीपी हाई बीपी हार्ड की समस्याओं और गर्म तासीर के काढ़ा जरूरत से ज्यादा गरम पानी पीकर अपने शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं कोरोनावायरस महामारी से सुरक्षा जरूरी है लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण है अपने अंदर आत्मविश्वास लाना कि हम किसी प्रकार के वायरस से लड़ सकते हैं और हमारा शरीर इतना परिपक्व है की हम कुछ दिनों में सही हो जाएंगे इसी सोच को लेकर हम महामारी पर और इस  मानसिक बीमारी पर जीत हासिल कर सकते हैं कोरोनावायरस महामारी से मरने वालों में सबसे अधिक संख्या उन लोगों की है जो पहले से ही विभिन्न बी...

आम जनमानस के लिए नासूर बन चुकी दवा कंपनियों की कमीशन खोरी की इस व्यवस्था को बदलने की अति आवश्यकता है

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 🤔आखिर कब तक चलेगी देश में इस प्रकार की लूट भ्रष्टाचार मिटाने की बाते तो बड़े-बड़े  मंचों लाल किले संसद भवन से की जाती है लेकिन वास्तविक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में सबसे बड़ा योगदान उन्हीं लोगों का है जो इस प्रकार के लूट का खसोट  षड्यंत्रकारी कार्य कराने में बड़ी-बड़ी कंपनियां का सहयोग करते हैं आज भारत देश में चिकित्सा पद्धति पूरी तरीके से व्यापार बन चुकी है जो डॉक्टर दवा कंपनी  भगवान का रूप  माने जाते थे वह साक्षात मौत के सौदागर बन गए हैं लोग जानते हुए भी कि सामने वाला हमें लूटने के लिए बैठा है फिर भी लूटने के लिए मजबूर है दवा कंपनियों की लूट का आलम यह है कि किसी दवाई का मूल्य उसके तय मूल्य से हजार गुना से भी अधिक बढ़ाया जा सकता है जो दवा कंपनियों की इस कमीशन खोरी को जानता है वह तो रेट कम करा लेता है लेकिन जो गरीब आम व्यक्ति है वह हमेशा कथित लूट का शिकार होते हैं अब सवाल यह है हमेशा आम जन हित की बात करने वाली सरकारे कई दशकों बाद भी जन हित में अंतर्राष्ट्रीय दवा कंपनियों के इस मायाजाल को तोड़ने के लिए विशेष कानून लाकर नीति निर्धारण करके एक सीमित मार्जन पर दवा...

हर किसी पर आंख बंद कर विश्वास घातक हो सकता है सनम तो डूबेंगे आप को भी ले डूबेंगे

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 जीवन में मनुष्य कुछ पाने  के लिए हर किसी पर आंख बंद कर विश्वास करने लगता है और वह सोचता है कि जिस पर मैं विश्वास कर रहा हूं वह मुझे सफलता के आसमान पर पहुंचा देगा लेकिन हर रथ के  सारथी श्री कृष्ण नहीं होते  अनजाने में लोग ऐसे व्यक्तियों पर भी विश्वास कर लेते हैं जो कुशल सारथी होने का ढोंग कर कर गलत तरीके से रथ पर बैठ जाते हैं जो भविष्य में उन्हें पूरी तरीके से बर्बादी के रास्ते पर पहुंचा देते  प्रथम विश्व युद्ध के बाद  विश्व भर में अपने कारनामों एवं अपनी अहंकारी नीतियों को लागू करके हिटलर पूरे विश्व भर में अपनी तानाशाही के बल पर अपने आप को सर्वश्रेष्ठ कहलाने के लिए लोगों को गुमराह करता था उसका मत था कि वह ईश्वर का प्रतिनिधि है एवं वह पूरे विश्व पर राज करने के लिए उसने इस पृथ्वी पर जन्म लिया हैं शुरुआत में कुछ सफलता मिलने पर जर्मनी एवं उसके सहयोगी देश एवं वहां के लोग उसे ईश्वर का प्रतिनिधि मानकर उसके एक इशारे पर अपनी एवं अपने परिवार की जान दाव पर लगा देते थे उसी के इशारों पर अनेक यहूदियों एवं शत्रु देशों के सैनिकों एवं लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया एवं उ...

आध्यात्मिक की गहराइयों में डूबने का पवित्र महापर्व है महाशिवरात्रि

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  #महाशिवरात्रि #Mahashivratri अघोरी शास्त्र स्वरोदय विज्ञान तंत्र मंत्र यंत्र से लेकर मानव कल्पना से परे दिव्य अलौकिक आध्यात्मिक की गहराइयों को जानने की उत्सुकता प्रत्येक मनुष्य के मन में होती है जीवन का सत्य जानने के लिए लोग सैकड़ों वर्ष की तपस्या मैं भी जो फल प्राप्त नहीं कर पाते जो साल भर में एक बार आने वाले महापर्व महाशिवरात्रि पर साधना करके कोई भी व्यक्ति प्राप्त कर सकता है जीवन में व्यक्ति को अपने आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत एक नास्तिक व्यक्ति बन कर करनी चाहिए क्योंकि वह व्यक्ति हर प्रकार के तर्क वितर्क एवं अपनी जिज्ञासाओं को अध्यात्म के रास्ते की गहराइयों में डूब कर खुद हर लमहे को जीकर एवं पाकर अपनी कल्पना से वास्तविक ईश्वर की पहचान कर सकता है संपूर्ण ब्रह्मांड में एकमात्र शिव स्वरूप परमात्मा जो कि निराकार रूप में सभी और व्याप्त है उसकी खोज मनुष्य का प्रमुख उद्देश्य होता है जिसे पाकर व्यक्ति मोक्ष की कामना करता है शिव के एक रूप अघोरी जिसके बारे में प्रत्येक व्यक्ति के अंदर उसे जानने की उत्सुकता होती है अघोरी जीवन एक ऐसा जीवन है कि जो सभी प्रकार कामनाओं पर विजय प्राप्त करने क...

समाज में फैले भ्रष्टाचार की कहानियों का पिटारा मुसद्दीलाल का ऑफिस ऑफिस प्रोग्राम

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 सरकारी विभागों एवं आम जीवन में आम व्यक्ति की समस्याओं को लेकर ऑफिस ऑफिस मुसद्दीलाल सीरियल जो कि काफी वर्ष पहले पंकज कपूर के मुसद्दीलाल किरदार के इर्द-गिर्द घूमने वाले पात्रों एवं विभिन्न घटनाओं समस्याओं को रेखांकित करके समाज के कुरूप चेहरे को दर्शकों के सामने परोसा गया था जिसे लोगों ने हाथों हाथ लिया था यह सीरियल काफी फेमस हुआ था क्योंकि इसमें आम व्यक्ति की व्यथा दिखाई गई थी कि किस प्रकार वह लोगों का भला करने के लिए एवं अपनी समस्याओं को सॉल्व करने के लिए किस प्रकार चकरघिन्नी बन जाता है और सभी ओर से शोषण का शिकार होता है वर्तमान समय में सोशल मीडिया पर मुसद्दी लाल के प्रोग्राम वायरल हो रहे हैं जिसे लोग मनोरंजन एवं सामाजिक ताने-बाने को लेकर आश्चर्यचकित होकर देख रहे हैं कि इतने बरसों बाद भी अभी भी समस्या जस की तस बनी हुई है इस प्रोग्राम में जितनी भी समस्याएं बताई गई हैं वह अभी पहले की ही भांति निरंतर चलती चली आ रही हैं समाज में फैले इस प्रकार के कुरूप चेहरे को वर्तमान की मीडिया दिखाने में पूरी तरीके से बचती है जो की समझ से परे है वर्तमान समय में जरूरत है मुसद्दीलाल जैसे सीरियलों की जो...

स्वस्थ जीवन एवं स्वस्थ शरीर के लिए केमिकल युक्त पेय पदार्थों से बचें

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  🍹बसंत ऋतु  के साथ ही देश में गर्मी का मौसम आ जाता है गर्मियों के मौसम में सभी बच्चों का आकर्षण का केंद्र होता है बर्फ का गोला और उस पर चढ़ा लाल हरा नारंगी पीला केमिकल रंग युक्त चीनी सेक्रीन की बनी चासनी और ढेर सारी कंपनियों के पेय पदार्थ जो पूरी तरीके से केमिकल से बनाए जाते हैं लेकिन टेलीविजन एवं विभिन्न संचार माध्यमों से होने वाले प्रचार-प्रसार के बाद बच्चे हों या बड़े महिला हो या पुरुष सभी को ऐसा लगता है कि इन पर पदार्थों के पीने से उनके शरीर को एक्स्ट्रा एनर्जी और ठंडक महसूस होगी लेकिन मैं आपको बता दूं कि यह पूरी तरीके से विदेशी कंपनियों के प्रोपेगेंडा के अनुसार केमिकल युक्त फॉर्मूला पर आधारित पहले पदार्थ होते हैं जो कि शरीर के लिए काफी हानिकारक माने जाते हैं बर्फ छूने एवं महसूस करने पर ठंडी जरूर होती है लेकिन उस की तासीर गर्म होती है जो कि शरीर के अंदर नमी को सोख शरीर में गर्मी बढ़ाकर दोहरा नुकसान पहुंचाती है यदि बच्चे बाजारों के पेय पदार्थों के लिए ज्यादा ही जिद करें तो उनके लिए घर पर भी आइसक्रीम एवं लस्सी नींबू की शिकंजी  जैसे पेय पदार्थ बनाए जा सकते हैं जो स्वास...

जीवन में संघर्ष व्यक्ति को खरा सोना बना देता है

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 🏋️जीवन भी इन रेल की पटरीयों की भांति  उलझा हुआ दिखाई देता है लेकिन प्रत्येक व्यक्ति के सामने एक ही चुनौती होती है इन उलझनो को सुलझा कर अपने जीवन को निरंतर आगे बढ़ाना बचपन में संसाधनों की कमी के बावजूद संघर्ष करने के बाद  बेरोजगारी और उसके बाद समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष और एवं परिवार की जिम्मेवारी  कहीं ना कहीं  लोगों को हताश कर देती है लेकिन आप अकेले नहीं है इस दुनिया में जो जीवन में संघर्ष कर रहे हैं आपके पहले इस दुनिया में हर आने वाले व्यक्ति को जीवन मैं कुछ पाने एवं पहचान बनाने लोगों को जगाने के लिए संघर्ष करना पड़ता हैं बात करते हैं कुछ महापुरुषों की  जिनके जीवन संघर्ष को देखकर हर व्यक्ति को  अपना संघर्ष काफी तुच्छ दिखाई देने लगता है भगवान श्री राम के अयोध्या के राजकुमार होने के बाद भी  विधाता के बनाए कालचक्र  के कारण जंगल जंगल अनेक कठिनाइयों से जूझते हुए अपने परिवार एवं न्याय अन्याय ब स्वाभिमान की रक्षा के लिए रावण जैसी महाशक्तिशाली असुर से भी संघर्ष करना पड़ा वही बात करते हैं श्री कृष्ण जी की जिन्होंने अपने जीवन की शुरुआत...