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रेलवे ऑन ड्यूटी यात्रा अथॉरिटी पास हुए चोरी मचा हड़कंप रेल यूनियनों ने बताया निजी करण का दुष्परिणाम

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भारतीय रेल में वर्तमान समय मैं कुछ भी अच्छा  घटित नहीं हो रहा है रेल की प्रमुख यूनियने काफी समय से भारत सरकार द्वारा किए जा रहे रेल के निजीकरण के विरोध में मुहिम चला रही थी एवं भविष्य में होने वाले दुष्परिणामों के लिए रेल प्रशासन को आगाह भी कर रही थी इसी बीच एक ताजा मामला आया है जबलपुर रेलवे स्टेशन के लोको रनिंग लाॅबी का जहां पर क्रू कंट्रोलिंग लाॅबी में प्राइवेट कंपनी एवं ठेकेदार के कर्मचारियों को को  पास बनाने बुकिंग फोन करने एवं सफाई जैसे कार्यों के लिए लगाया गया था सभी को ज्ञात है कि जितने भी प्राइवेट कंपनियों एवं ठेकेदारों द्वारा प्राइवेट कर्मचारी लगाए गए हैं उनकी जो अनुबंधित सैलरी होती है उससे आधी भी उनके हाथ में नहीं पहुंच पाती है जिस एजेंसी या ठेकेदार के माध्यम से यह कर्मचारी लगाए जाते हैं वह इनकी मिलने वाली वेतन से अपना एक मोटा कमीशन निकाल लेता है कम पैसों में प्राइवेट कर्मचारी कहीं ना कहीं अपने आप को ठगा महसूस करते  हैं और उसकी पूर्ति करने के लिए कहीं से भी दाएं बाएं करके अपना बजट पूरा करने की कोशिश करते हैं उसी के दुष्परिणाम स्वरूप पश्चिम रेलवे के जबलपुर ...

साहित्यकारों की चमत्कारी दूरदर्शिता संघर्ष के संदर्भ में

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जब मैं कुछ इतिहासकार एवं साहित्यकारों को पढ़ता हूं तो हर बार मुझे कुछ ना कुछ नया सीखने को मिलता है आज मेरे सामने मुंशी प्रेमचंद जी की एक कविता आ गई जिसे पढ़कर पता चला कि सच में कुछ चीजें इतने सालों के बाद भी आज भी जैसी की वैसी है इस भागदौड़ भरी जिंदगी में मुकाम को पाने की चाहत लिए कई पड़ाव को पार करता हुआ इंसान कहीं ना कहीं अपने दोस्त रिश्तेदार परिवार के लोगों के साथ अच्छे बुरे अनुभव प्राप्त करता है लेकिन लोगों में एक नजरिया होता है कौन कहां कब किस मोड़ पर गलत को सही साबित कर दें सही को गलत यह व्यक्तियों की सोच पर निर्भर करता है  उसी प्रकार की अधेड़ बुन में लिखी गई यह कविता सच में मुंशी प्रेमचंद जी के संघर्षों को बयां करती है लगभग हर व्यक्ति के संघर्ष से संबंधित  कुछ शब्द इस कविता से होकर  गुजरते हैं 🐋      *मुन्सी प्रेमचंद जी की एक सुंदर कविता* _ख्वाहिश नहीं मुझे_ _मशहूर होने की,         _आप मुझे पहचानते हो_         _बस इतना ही काफी है._ _अच्छे ने अच्छा और_ _बुरे ने बुरा जाना मुझे,_   ...

👮पुलिस ने बनाया 👦लल्लनटॉप 💝मौज से मनी दीपावली

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दुनिया में कितना ही अधर्म एवं लोगों में   इंसानियत मर चुकी हो लेकिन कुछ लोग मानवतावादी झंडे को लेकर हमेशा एक एहसास दिलाते रहते हैं कोई भी युग एवं समय हो मानवता ही सबसे बड़ा धर्म  कहलाता है ऐसा ही एक उदाहरण मध्य प्रदेश के सागर जिले की  टोंक थाना क्षेत्र के पुलिस प्रभारी सुनील यादव एवं उनकी टीम द्वारा दीपावली के अवसर पर एक मानसिक  दिव्यांग ताराचंद जोकि  टोंग क्षेत्र की गलियों  मैं घूमता था उसे नहला धुला  बालों को व्यवस्थित  कटवा कर कर नवीन कपड़े पहनाकर पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराते हुए राजा बाबू जैसा बना दिया इस  दिव्यांग को  समाज की मुख्यधारा का इंसान बनाने  के इस कार्य को करने के समय पर समस्त  टोंक  थाना स्टाफ उपस्थित रहा एवं उसकी साफ-सफाई में सहयोग करता रहा टोंक थाने के मानवता एवं इंसानियत भरे कार्य के लिए समस्त देश में सराहना की जा रही है इस मानवता भरे कार्य को देखकर लोग इस प्रकार की करने के लिए लाली यत होने लगे की काश हम भी इसी तरीके से दिवाली मना पाते आप सभी लोगों से निवेदन है कि आपके आसपास भी अगर इस प्...

🎆दीपावली 🕊हो या हो 🚩छठ भारतीय 🚅रेल एवम रेल👷कर्मचारी पहुंचाएंगे 👪यात्रियों को फटाफट🌻🙏

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देश के सबसे बड़े त्योहार दीपावली एवं छठ  यह त्यौहार पूरे विश्व भर में भारतीयों द्वारा  बड़ी धूमधाम से मनाएं  जाते है पूरे विश्व भर में सबसे अधिक उत्तर भारतीय राज्यों के विहार उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश झारखंड राजस्थान इन राज्यों के निवासी  सबसे अधिक विदेशों  दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ-साथ देश की राजधानी  एवं  अनेक औद्योगिक क्षेत्रों में  जीवन यापन के लिए कार्य करते हैं एवं आर्थिक लाभ कमा कर साल में एक बार दीपावली एवं छठ पर अपने परिवार के साथ त्यौहार मना कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं विश्व के सबसे अधिक  क्षेत्रफल घनत्व बाले क्षेत्र मैं करोड़ों की संख्या में एक ही समय पर लोगों को पहुंचाना एवं त्योहारों के बाद वापस अपने अपने कार्यों के लिए वापस गंतव्य पर भेजना भारत जैसे विकासशील देशों के यातायात तंत्र के लिए लिए एक चुनौती होता है इसीलिए त्योहारों के पहले ही देश का सबसे बड़ा यातायात तंत्र भारतीय रेलवे अपनी तैयारियां शुरू कर देता है इसके लिए अपने कर्मचारियों की सुविधा अनुसार लिए जाने वाले अवकाश एवं रेस्ट को पूरी तरह से प्रतिबं...

कमरतोड़ महंगाई एवं बेरोजगारी में करवा चौथ का व्रत बना आम लोगों की मुसीबत

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महिलाओं के जीवन  मैं सबसे महत्वपूर्ण त्योहार करवा चौथ होता है जिस दिन भारतीय महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है जिसमें बिना कुछ अन्य एवं जल ग्रहण किए हुए चौथ के सबसे ऊर्जावान चांद को देख एवं  उसके बाद अपने पति की पूजा कर उसके हाथ का पहला निवाला एवं पानी  पीकर अपना व्रत तोड़ती है यह त्यौहार महिलाओं के साथ उनके पतियों के लिए खर्चे वाला त्योहार माना जाता है जिसके लिए महिलाएं कई दिनों से बाजारों में खरीददारी एवं तैयारियां करना चालू कर देती  है यह त्योहार वर्तमान में टेलीविजन सोशल मीडिया के माध्यम से उच्च वर्गीय परिवार से निम्न स्तर के परिवारों तक पहुंच चुका है   पूर्व में जमीदार एवं संपन्न परिवार की महिलाएं इस व्रत को किया करती थी लेकिन धीरे-धीरे यह  छोटे-छोटे कस्बों एवं  गांव  के गरीब किसान मजदूर के घरों तक पहुंच चुका है वर्तमान समय में कमरतोड़ महंगाई एवं बेरोजगारी में जहां  परिवार के मुखिया को अपने परिवार एवं बच्चों का पेट भरने के लिए भी  बड़ा संघर्ष  करना पड़ रहा है वही इस प्रकार की खर्चीले त्यौहा...

देश की सबसे चहेती एवं लाभ देने वाली ट्रेन पुष्पक एक्सप्रेस

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भारतीय रेलवे कितनी ही नई ट्रेनें चला ले लेकिन लोगों में जिस ट्रेन के प्रति दीवानगी बढ़ जाती है वह उसे कभी नहीं छोड़ते जी हां हम बात कर रहे हैं देश की ऐसी ट्रेन जिसके लिए लोगों में दीवानगी की हद तक प्यार है  वह ख्याति प्राप्त सबसे अधिक आय देने वाली यात्री ट्रेन है पुष्पक एक्सप्रेस जोकि उत्तर प्रदेश की राजधानी एवं नवाबों के शहर लखनऊ से देश की औद्योगिक नगरी मुंबई के मध्य चलती है यह लखनऊ से मुंबई के बीच चलने वाली एक ऐतिहासिक ट्रेन है इस ट्रेन से यात्रा करने की चाहत हर आम एवं खास यात्रियों को रहती है इस ट्रेन से यात्रा करने वालों में सबसे अधिक व्यापारी बिहार पूर्वांचल एवं गोरखपुर के साथ लखनऊ के आसपास क्षेत्रों के मुंबई में मेहनत मजदूरी करने वाले लोग एवं वह छात्र  एवं कलाकार जो की माया नगरी में अपना कैरियर बनाने के लिए जाते है वैसे तो लखनऊ से मुंबई जाने के लिए  अनेकों ट्रेन चलती हैं लेकिन लोगों में इस पुष्पक ट्रेन के लिए दीवानगी इस कदर है कि  इस ट्रेन का लखनऊ के पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशन लखनऊ जंक्शन से प्रस्थान का समय 19:45 है लेकिन लोग इसमें जगह पाने के लिए सुबह 10:00 ब...

₹25000 तो दिए नहीं पर होमगार्डों की नौकरी छीन ली न माया मिली ना मिले राम

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उत्तर प्रदेश के होमगार्ड को नवरात्रि के पहले मिली खुशी दीपावली के पहले गम में बदली साथियों वर्तमान समय मैं देश एवं प्रदेश  का राजनैतिक व्यवसायिक आर्थिक सामाजिक मौसम सच में बहुत ही खराब चल रहा है  लोगों  को पता ही नहीं चलता की किस पर बिजली गिरने वाली है वर्तमान में बिजली गिरी है उत्तर प्रदेश के 25000 होमगार्डों  एवं उनके परिवार के ऊपर जो कि एक ही झटके में सड़कों पर आ गए आपको बता दें की उत्तर प्रदेश में होमगार्ड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं यह समाज के वह कड़ी हैं जोकि उच्च अधिकारियों से लेकर धनाढ्य लोगों के साथ आम जनता की डांटने फटकार  गुस्सा   तिरस्कार गालियां एवं   हिंसा  आदि का प्रशासन के सबसे निम्नतम पायदान पर खड़े होकर सहन करता है  ज्यादातर होमगार्ड छोटे परिवारों एवं जातियों से आने वाले वह लोग हैं जो कि  परिवारिक पृष्ठभूमि गरीबी एवं अन्य कारण से शिक्षा प्राप्त नहीं कर   सके लेकिन शारीरिक एवं मानसिक रूप से समाज एवं देश की सेवा के उद्देश्य से एवं बेरोजगारी  मैं अपने परिवार का भरण- पोषण करने के लिए सबसे ...

🚅तेजस ट्रेन वाली 🕵कंपनी बिना कुछ🤔 किए हुई 💰मालामाल

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देश में प्राइवेट कंपनियों को किस प्रकार से लाभ दिलाया जाए यह वर्तमान सरकार से ज्यादा कोई नहीं जान सकता पिछले दिनों  तेजस को संचालित करने वाली प्राइवेट कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड  जो घाटे में चल रही थी उसे एक ही झटके में आसमान पर ला दिया शुक्रवार को इस कंपनी का शेयर ₹320 मात्र था जो कि आज मार्केट खुलने पर सीधा 115 परसेंट बढ़कर  ₹ 690 रुपए पहुंच गया अब उसे तेजस जैसी ट्रेनों से फायदा हो या नुकसान हो यह तो भविष्य  मैं पता चलेगा लेकिन कंपनी की पूंजी  कई गुना बढ़ जाएगी आपको बता दें की केंद्र सरकार एवं भारतीय रेल द्वारा 150 ट्रेनों को प्राइवेट कंपनियों द्वारा संचालित कराने का निर्णय लिया है जिसको देखकर शेयर मार्केट में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड के शेयर में भूचाल ला दिया हर कोई इस कंपनी के शेयर खरीदने के लिए उतारू हो गए जिससे एकाएक इसका शेर ऊंचाई पर पहुंच गया और इसकी मार्केट वैल्यू ज़ूम मार गई भविष्य में  ट्रेनों के निजीकरण से रेल कर्मचारियों का क्या भविष्य होगा इससे कंपनी को कोई लेना देना नहीं लेकिन इस क...

तेजस को समय से चलाने के लिए सुरक्षा एवं संरक्षा से खिलवाड़

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 क्या आपको पता है देश की प्रथम प्राइवेट ट्रेन तेजस को चलाने के लिए  हजारों यात्रियों को असुविधा हुई है  भारत की प्रथम  निजी  ट्रेन को संचालित करने का निर्णय लिया  जो ट्रेन संचालित की जा रही है वह देश में  रेल के आधुनिक भारत की शुरुआत  के नाम से प्रचारित की जा रही   है इसका किराया  हवाई जहाज किराए के  लगभग है एवं संचालन करने वाली कंपनी किसी भी समय इसका किराया अपने हिसाब से बढ़ा सकती है इसमें  रेलवे ड्राइवर एवं गार्ड को छोड़कर किसी भी  सरकारी रेल कर्मचारी का प्रत्यक्ष  रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं  है  कंपनी द्वारा तेजस एक्सप्रेस के संचालन से पूर्व ही यात्रियों को लुभाने के लिए  घोषणा कर चुकी है कि ट्रेन के 1 घंटे लेट होने पर  पर यात्रियों को ₹100  एवं 2 घंटे लेट होने पर  ₹250 दिए जाएंगे इसी लोक लुभावने वादे को पूरा करने के लिए ट्रेन संचालन कंपनी द्वारा भारतीय रेल के तंत्र को ही दूषित करना चालू कर दिया तेजस को समय सीमा में चलाने के लिए जितनी भी   सुपर फास्ट एक्सप्रेस  म...

ट्रेन🚄 ड्राइवर भी एक 🙏इंसान है रेल कर्मचारियों के प्रति सोच बदलिए

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🚄यह वीडियो  क्लिप  रेल कर्मचारियों के बारे में बहुत कुछ कहती है  कृपया ध्यान से देखें देश को आजाद हुए 70 वर्ष से अधिक हो चुके हैं लेकिन आज भी आम यात्रियों में भारतीय रेलवे के विषय में किसी प्रकार की जानकारी नहीं है आए दिन लोगों के रेल कर्मचारियों से वाद विवाद होते रहते हैं सबसे ज्यादा लोगों के गुस्से का शिकार रेलवे के ट्रेन ड्राइवर को उठाना पड़ता है सभी लोगों को ज्ञात है कि रेल व्यवस्था पूरी तरह से सिग्नल पर आधारित है लाल हरा पीला इन्हीं  रंगो पर  रेल यातायात चलता है एवं रेल में रेल को सबसे ज्यादा लाभ माल भाड़े में  होता है उसके बाद जितनी भी बीआईपी  सुपरफास्ट मेल एक्सप्रेस ट्रेनें होती हैं उनको पहले वरीयता दी जाती है पैसेंजर लोकल ट्रेन आए दिन लेट लतीफ होती रहती हैं आम पब्लिक जोकि प्रतिदिन रेल यात्रा करती है लेट लतीफ होने पर उसका सारा  दोषी रेलवे के लोको पायलट को ठहरा देती है पिछले वर्ष विजयदशमी के पर्व के समय पंजाब मैं रेल ट्रैक पर विजयदशमी रावण दहन का कार्यक्रम बना रहे  लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से हुए हादसे मैं 150  से अधिक...

ऑल इंडियन रेलवे फेडरेशन के तत्वधान में हुआ रनिंग कर्मचारियों का संवाद कॉन्फ्रेंस प्रोग्राम बीजेपी प्रत्याशी ने मांगा समर्थन

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वर्तमान समय  रेल एवं रेल कर्मचारी के लिए बड़ा दुविधा का समय है जहां रेल कर्मचारियों को अपने भविष्य को लेकर तमाम प्रकार की आशंका है एवं भय व्याप्त है वही कुछ लोग कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार की राजनीति   करने से बाज नहीं आ रहे ताजा मामला लखनऊ में ऑल इंडियन रेलवे फेडरेशन द्वारा स्वर्गीय कॉमरेड टी एन बाजपेई जी की स्मृति में रेल रनिंग कर्मचारियों का संवाद कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी जिसमें ऑल इंडियन रेलवे फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री  शिव गोपाल मिश्रा जी लखनऊ डीआरएम एवं एडीआरएम महोदय के साथ पूर्वोत्तर रेलवे की एडीआरएम महोदय उपस्थित रही इस कांफ्रेंस के माध्यम से रेलवे के रनिंग कर्मचारियों द्वारा अपनी-अपनी समस्याएं एवं मांगे रखकर वर्तमान में रनिंग कर्मचारियों के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार पर निराशा प्रकट की एवं बताया कि वर्तमान समय में जिस प्रकार से रेल के संबंध में केंद्रीय सरकार द्वारा  कठोर  कदम उठाकर रेल कर्मचारियों के अंदर भय का माहौल बना दिया है रेल कर्मचारी खासकर रनिंग का जो कि अपनी मेहनत ईमानदारी एवं लगन शीलता के लिए रेलवे की रीढ़ माना जाता ह...

अखिलेश यादव जी द्वारा देश की सबसे बड़ी बरुआसागर की अदरक अरबी मंडी का जाना हाल एवं छात्र को दी शुभकामनाएं

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आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय अखिलेश यादव द्वारा बुंदेलखंड की झांसी मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित बरुआसागर नगर  यहां पर  पूरे देश  की अदरक अरबी की सबसे बड़ी मंडी है  यहां अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में स्थापित एवं  व्यवस्थित कराए जाने वाले कार्यों को देखा आपको बता दें कि अखिलेश सरकार में पूरे बुंदेलखंड में अनेक मंडिया बनाई गई थी एवं जिन मंडियों में संसाधनों की कमी थी उन्हें पूर्ण रूप से संसाधन उपलब्ध कराए गए एवं व्यवस्थित तरीके से मंडियों को स्थापित किया गया था पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी द्वारा बरुआसागर स्थित मंडी से पूरे देश भर में भेजने वाले फलों सब्जियों के विषय में जानकारी ली स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों माननीय अखिलेश यादव जी को अवगत कराया  कि  एक दशक से अधिक  से बुंदेलखंड में सूखा एवं प्राकृतिक असंतुलन से किसानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है उसी के दुष्परिणाम स्वरूप बरुआसागर की यह मंडी जो पूरे साल आबाद रहती थी एवं सैकड़ों ट्रकों से माल देश की बड़ी बड़ी मंडियों में पहुंचाया जाता था वह अब सीमित हो गया है इस विश्व ...

🚄तेजस ट्रेन चलाकर रेल☠ निजीकरण की हुई शुरुआत रेल 🛠कर्मचारी हुआ हताश😭

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आज देश में एक नया अध्याय शुरू हो गया लखनऊ में आज प्रथम प्राइवेट ट्रेन चलाई गई जिसका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हरी झंडी देकर रवाना किया यह ट्रेन लखनऊ से दिल्ली के मध्य सप्ताह में 5 दिन चलेगी इसका किराया एयरलाइंस की बराबर होगा इस ट्रेन में लखनऊ से नई दिल्ली का न्यूनतम किराया चेयर कार का 1125 रुपये और एक्जीक्युटिव चेयर कार का 2310 रुपये है. दिल्ली से लखनऊ की यात्रा के लिए एसी चेयर कार का टिकट 1280 रुपये होगा जबकि एक्‍जीक्‍यूटिव चेयर कार के लिए 2450 रुपये खर्च करने होंगे. वहीं, लखनऊ से कानपुर के लिए एसी चेयर कार का टिकट 320 रुपये होगा. दिल्ली से लखनऊ की यात्रा में खाना भी दिया जाएगा इसलिए इसका किराया थोड़ा ज्यादा है. रेलवे बोर्ड अन्य मार्गों पर भी ऐसी ट्रेन चलाने पर विचार कर रहा है. तेजस ट्रेन की निगरानी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के जिम्मे है. यह वही कंपनी है जो अभी तक रेलवे के भोजन  वितरण का कार्य करती है आप सभी को तो ज्ञात होगा कि किस प्रकार की क्वालिटी भोजन की रेलवे में होती है  अब यह कंपनी ट्रेन चलाएगी इस प्रथम निजी ट्रेन के...

2 अक्टूबर विश्व अहिंसा दिवस पूरे विश्व की दुर्लभ निधि थे महात्मा गांधी जी बारूद के ढेर पर बैठे विश्व को बस गांधी दर्शन ही बचा सकता है

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  आज पूरे विश्व में महात्मा गांधी जी की 150   बी जन्म शताब्दी मनाई जा रही है 2 अक्टूबर पूरे विश्व में अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है पूरा विश्व दक्षिण अफ्रीका की रेल यात्रा  विश्व युद्ध के पहले एवं द्वितीय गोलमेज सम्मेलन से लेकर आज तक  महात्मा गांधी जी दर्शन से अत्यधिक प्रभावित  है एवं गांधी जी के रूप में  विश्व शांति के लिए  उन्हें एवं उनके विचारों को शांति दूत एवं संदेश के रूप में  देखता है  भारतीय लोग भी गांधी जी को देश के लिए एवं विश्व के लिए विशेष निधि मानते हैं गांधी जी का जीवन और उनके विचार गांधी दर्शन के रूप में जाने जाते हैं गांधी दर्शन के विषय में  विश्व के अनेक देशों के महान दार्शनिकों एवं साहित्यकारों एवं राजनेताओं ने अनेक शोध किए एवं अपना पूरा जीवन गांधी जी के  सत्य अहिंसा दर्शन में लगा दिया जिसमें  अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला  जैसे अनेक अंतरराष्ट्रीय नेता रहे वर्तमान में कुछ वर्षों से देश में व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए वर्तमान युवा पीढ़ी को एक अलग ही गांधी जी के जीवन दर्शन  ए...