कमरतोड़ महंगाई एवं बेरोजगारी में करवा चौथ का व्रत बना आम लोगों की मुसीबत
महिलाओं के जीवन मैं सबसे महत्वपूर्ण त्योहार करवा चौथ होता है जिस दिन भारतीय महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए करवा चौथ का व्रत रखती है जिसमें बिना कुछ अन्य एवं जल ग्रहण किए हुए चौथ के सबसे ऊर्जावान चांद को देख एवं उसके बाद अपने पति की पूजा कर उसके हाथ का पहला निवाला एवं पानी पीकर अपना व्रत तोड़ती है यह त्यौहार महिलाओं के साथ उनके पतियों के लिए खर्चे वाला त्योहार माना जाता है जिसके लिए महिलाएं कई दिनों से बाजारों में खरीददारी एवं तैयारियां करना चालू कर देती है यह त्योहार वर्तमान में टेलीविजन सोशल मीडिया के माध्यम से उच्च वर्गीय परिवार से निम्न स्तर के परिवारों तक पहुंच चुका है पूर्व में जमीदार एवं संपन्न परिवार की महिलाएं इस व्रत को किया करती थी लेकिन धीरे-धीरे यह छोटे-छोटे कस्बों एवं गांव के गरीब किसान मजदूर के घरों तक पहुंच चुका है वर्तमान समय में कमरतोड़ महंगाई एवं बेरोजगारी में जहां परिवार के मुखिया को अपने परिवार एवं बच्चों का पेट भरने के लिए भी बड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है वही इस प्रकार की खर्चीले त्यौहार लोगों के घरों में विवाद का कारण बन रहे हैं समाज में जिस तरीके से सोशल मीडिया एवं टेलीविजन जैसा परिधान एवं अत्याधुनिक दिखने की चाहत का समाज में वातावरण बना हुआ है वही आम महिलाओं की स्वाभाविक मानसिकता एक दूसरे की देखा देखी अपने पति एवं परिवार की बिना आर्थिक स्थिति जाने तमाम आशाएं एवं सपने संजोने लगती हैं महिलाओं के सपने एवं मांगे पूरी ना होने पर परिवार में मानसिक एवं बेमतलब का विवाद फैल जाता है जोकि परिवारिक अटूट बंधन को खोखला बना देता है परिवारों में खोखला पन भविष्य में अलगाव का कारण बन जाता है भारतीय महिलाओं को चाहिए कि बिना किसी दूसरे को देख कर इस विपरीत समय जहां लोगों में आर्थिक संकट व्यापार में आर्थिक मंदी युवाओं में बेरोजगारी एवं कमरतोड़ महंगाई मैं परिवार के हालात को समझ कर परिस्थितियों से समझौता कर करवा चौथ जैसी पवित्र त्यौहार को सादगी पूर्वक अपने परिवार के साथ मना कर अपने परिवार को स्वर्ग बनाएं💝🌻🌻🌻🎂🎂🎂🎂⚘⚘⚘✍🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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